'जब तक जरूरत, लेबनान में रहेगी हमारी सेना'; अमेरिका-ईरान डील के बीच नेतन्याहू के तेवर से क्या अटकेगा मामला?

अमेरिका-ईरान समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद नेतन्याहू ने पहली बार अपने बयान में कहा कि इजराइल को ’’दक्षिणी लेबनान में एक सुरक्षा जोन बनाए रखना होगा। इसके लिए यह जरूरी है कि जब तक इजराइल की सुरक्षा के लिए जरूरी हो, हम वहाँ से न हटें।

अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई खत्म करने के लिए हुए अंतरिम समझौते से होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल जाएगा। इसके साथ ही दोनों दुश्मन देश तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के लिए फिर से साथ आएंगे। इन सबके बीच इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कुछ ऐसा कह दिया है, जिससे इस समझौते में अडंगा लग सकता है। उन्होंने गुरुवार को अमेरिका की परवाह न करते हुए साफ कर दिया कि इजराइली सेना दक्षिणी लेबनान में बनी रहेगी। अमेरिका-ईरान समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद नेतन्याहू की यह पहली टिप्पणी है। बता दें कि ईरान अमेरिका के बीच समझौते का एक महत्वपूर्ण बिंदु ये भी है कि लेबनान से भी इजरायल अपनी उपस्थिति हटाएगा। एक ओर ईरान अपनी इस मांग पर अड़ा हुआ है वहीं दूसरी ओर नेतन्याहू ने भी इस पर अपना रुख साफ कर दिया है।

अमेरिका-ईरान डील के बीच नेतन्याहू ने फिर दिखाए सख्त तेवर

अमेरिका-ईरान डील के बीच नेतन्याहू ने फिर दिखाए सख्त तेवर

नेतन्याहू ने साफ कर दिया अपना रुख

अमेरिका-ईरान समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद नेतन्याहू ने पहली बार अपने बयान में कहा कि इजराइल को ’’दक्षिणी लेबनान में एक सुरक्षा जोन बनाए रखना होगा। इसके लिए यह जरूरी है कि जब तक इजराइल की सुरक्षा के लिए जरूरी हो, हम वहाँ से न हटें। ये कोई पहली बार नहीं है जब नेतन्याहू ने इस तरह की कोई बात कही हो। वह पहले भी दक्षिणी लेबनान से न हटने की बात कह चुके हैं।

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