Nepal Violence: नेपाल के सुनसरी जिले के कप्तानगंज में एक विशेष संप्रदाय के लोगों द्वारा कथित तौर पर कांवरिया जत्थे पर हमले और उसके बाद हुई हिंसक झड़प व गोलीबारी के बाद पूरे मधेश क्षेत्र में तनाव व्याप्त है। इस घटना में एक कांवरिया की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद जनाक्रोश लगातार बढ़ता गया और कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।
सुनसरी हिंसा मामले में बड़ा समझौता, मृतकों के परिवारों को मुआवजा। AI IMAGE
जनकपुरधाम में उग्र प्रदर्शन के बाद कर्फ्यू लागू
घटना के विरोध में गुरुवार को जनकपुरधाम में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुआ। हिंदू सम्राट सेना, नेपाल हिंदू स्वयं सेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद, साधु-संतों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने जानकी चौक, राम चौक, जनक चौक, रामानंद चौक, मिल्स एरिया और पिड़ारी चौक समेत कई स्थानों पर टायर जलाकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के पुतले भी फूंके गए।
स्थिति बेकाबू होने पर जिला प्रशासन धनुषा ने भारी पुलिस बल तैनात किया। प्रदर्शन उग्र होने के बाद सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। हालात को देखते हुए प्रशासन ने गुरुवार दोपहर 3 बजे से जनकपुरधाम नगर क्षेत्र में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया।
सरकार और पीड़ित परिवारों के बीच 7 सूत्रीय समझौता
तनाव के बीच नेपाल सरकार और हिंसक झड़प में मारे गए ओम प्रकाश मेहता तथा जय प्रकाश मेहता के परिजनों के बीच गुरुवार देर रात 7 सूत्रीय समझौता हो गया। गृह मंत्रालय और दोनों परिवारों के बीच हुई इस सहमति का उद्देश्य हालात को सामान्य करना और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना बताया गया है।दोनों मृतकों को मिलेगा शहीद का दर्जा
समझौते के तहत नेपाल सरकार ने दोनों मृतकों को शहीद का दर्जा देने का फैसला किया है। साथ ही प्रत्येक परिवार को 10-10 लाख नेपाली रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार ने घटना के दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने पर भी सहमति जताई है। इसके अलावा सरकार ने घटना की जांच रिपोर्ट को लागू करने और घटनास्थल पर स्मारक पार्क बनाने का भी फैसला किया है।
घायलों के लिए भी मुआवजे का ऐलान
स्थानीय निकाय की बैठक में हिंसा में घायल लोगों के लिए भी मुआवजे की घोषणा की गई। निर्णय के अनुसार गंभीर रूप से घायल लोगों को 2 लाख नेपाली रुपये, जबकि सामान्य और मध्यम चोट वाले लोगों को 50 हजार नेपाली रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। नेपाल सरकार और पीड़ित परिवारों के बीच हुआ यह समझौता ऐसे समय में सामने आया है, जब मधेश क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
