मोसाद के बाद दुनिया की बेहतरीन खुफिया एजेंसी FSB भी चूकी, मास्को पर हुए हमले में 137 की गई जान

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 26, 2024, 04:58 PM IST

Moscow Concert Attack: जानकारों का मानना है कि एजेंसी घरेलू और वैश्विक मोर्चों पर काम के बोझ से दबी हुई है और इसलिए हो सकता है कि बाहरी एजेंसियों के हमलों के अलर्ट एवं खुफिया सूचनाओं को उसने नजरंदाज किया हो।

Moscow Concert Attack: मॉस्को के कंसर्ट हॉल पर हुए हमले के बाद रूस की खुफिया एजेंसी FSB पर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह एजेंसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विरोधियों को पकड़ने में तो काफी असरदार रही है लेकिन इतने बड़े नरसंहार को रोकने में नाकाम साबित हो गई। इससे उसकी प्राथमिकताओं, संसाधनों एवं खुफिया सूचना जुटाने की काबिलियत पर सवाल उठने लगे हैं। इस हमले में 137 लोगों की जान गई है। गत सात अक्टूबर को हमास ने इजरायल पर बड़ा हमला किया। इजरायल में हमास के हमलों को भी खुफिया एजेंसी की नाकामी माना जाता है। इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद को इन हमलों की भनक तक नहीं लगी जबकि वह दुनिया के बेहतरीन खुफिया एजेंसी मानी जाती है।

Moscow Attack

मॉस्को में शुक्रवार रात हुआ भीषण हमला।

अब FSB के नाम से जानी जाती है KGB

दरअसल, सोवियत युग की खुफिया एजेंसी KGB अब FSB के नाम से जानी जा रही है। बदले वैश्विक परिदृश्य एवं चुनौतियों के बीच इसके कामकाज का तरीका बदला है और इसके सामने कई टॉस्क हैं। वह कई मोर्चों पर विरोधियों से निपट रही है। यूक्रेन के प्रति निष्ठा रखने वाले लोगों को वह रूस में पकड़ रही है। क्रेमलिन विरोधी गतिविधियों पर वह नजर बनाए हुए है। साथ ही उसके ऊपर विदेशी खुफिया एजेंसियों के ऑपरेशन को भी नाकाम करने की जिम्मेदारी है।

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