Indian students in Tehran: संकट के समय आर्मेनिया भारत का मददगार बनकर काम आया है। तुर्की के निशाने पर रहे आर्मेनिया की कुछ वर्षों के दौरान भारत से नजदीकियां बढ़ी हैं। ईरान में फंसे 110 भारतीय छात्रों को इस देश में शरण मिली है। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि इजराइल और ईरान के मध्य बढ़ते तनाव के बीच तेहरान में मौजूद भारतीय छात्रों को सुरक्षा कारणों से बाहर निकाल लिया गया है और उनमें से 110 लोग सीमा पार कर आर्मेनिया में प्रवेश कर गए हैं। इसकी पूरी व्यवस्था दूतावास ने की।
इजराइल का ईरान पर हमला, भारतीय छात्रों को आर्मेनिया में शरण मिली
तेहरान से निकले भारतीय छात्र
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारतीय दूतावास सभी संभव सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से समुदाय के साथ निरंतर संपर्क में है। बयान में कहा गया है, तेहरान में भारतीय छात्रों को सुरक्षा कारणों से बाहर निकाल लिया गया है। इसकी व्यवस्था दूतावास ने की। इसमें कहा गया कि परिवहन के हिसाब से जो लोग स्वयं इंतजाम कर सकते हैं उन्हें भी हालात को देखते हुए शहर से बाहर चले जाने की सलाह दी गई है।
110 भारतीय छात्रों में से 90 कश्मीर घाटी के
विदेश मंत्रालय ने कहा कि इसके अलावा, कुछ भारतीयों को आर्मेनिया की सीमा के माध्यम से ईरान छोड़ने में मदद की गई है। मंत्रालय ने कहा कि अस्थिर स्थिति को देखते हुए आगे भी परामर्श जारी किए जा सकते हैं। जम्मू कश्मीर छात्र संघ के अनुसार, उर्मिया मेडिकल यूनिवर्सिटी के 110 भारतीय छात्र जिनमें से 90 कश्मीर घाटी के हैं, सुरक्षित रूप से सीमा पार कर आर्मेनिया पहुंच गए हैं।
हेल्पलाइन नंबर जारी किए
तेहरान में भारतीय दूतावास ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, भारतीय मिशन ने सभी भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों को यह सलाह भी दी है कि जो अपने स्वयं के संसाधनों से तेहरान से बाहर जा सकते हैं, वे शहर के बाहर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। एक अन्य बयान में विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान और इजराइल में जारी घटनाक्रम के मद्देनजर मंत्रालय में सातों दिन 24घंटे संचालित होने वाला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। नियंत्रण कक्ष में इन नंबर पर संपर्क करें: +989010144557; +989128109115; +989128109109’’। इसके अतिरिक्त ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने आपातकालीन हेल्पलाइन स्थापित की है, विदेश मंत्रालय ने संपर्क विवरण भी साझा किया है।
