पाक में इन दो जगहों पर तैयार होते थे फिदायीन हमलावर, हमास से संबंध, नाटो हथियारों का जखीरा, अब हुए नेस्तनाबूत

15 एकड़ में फैला जैश-ए-मोहम्मद का बहावलपुर केंद्र इसके प्रमुख अब्दुल रऊफ असगर द्वारा चलाया जाता रहा है और इस इलाके में जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक मसूद अजहर और उसके परिवार के अन्य सदस्यों के आवास हैं।

JeM's Pak Fidayeen Centres: प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के दो केंद्र- इसका बहावलपुर स्थित मुख्यालय और पाकिस्तान के पंजाब में स्थित नरोवाल आत्मघाती हमलावर तैयार करने वाले अड्डों के रूप में काम करते थे। अधिकारियों नेयह जानकारी देते हुए कहा कि इन अड्डों के ना सिर्फ फलस्तीनी संगठन हमास के साथ संबंध थे, बल्कि ये अफगानिस्तान से तस्करी करके लाए गए नाटो बलों के हथियारों के भंडारण केंद्र के रूप में काम करते थे। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के एक-दूसरे के विपरीत छोर पर स्थित ये दोनों केंद्र बुधवार तड़के भारतीय वायुसेना द्वारा दागी गई मिसाइलों से ध्वस्त हुए उन नौ लक्ष्यों में शामिल थे, जिन्हें 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले का कड़ा जवाब देने के तहत निशाना बनाया गया था।

Operation sindoor

सेना का ऑपरेशन सिंदूर

अब्दुल रऊफ असगर चलाता था बहावलपुर सेंटर

ये कार्रवाई पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में की गई थी जिसमें 25 पर्यटकों और एक स्थानीय गाइड की आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी। अधिकारियों के अनुसार, 15 एकड़ में फैला जैश-ए-मोहम्मद का बहावलपुर केंद्र इसके प्रमुख अब्दुल रऊफ असगर द्वारा चलाया जाता रहा है और इस इलाके में जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक मसूद अजहर और उसके परिवार के अन्य सदस्यों के आवास हैं। मसूद अजहर ने भारतीय वायुसेना की ओर से ऑपरेशन सिंदूर के तहत किए गए हमलों के बाद स्वीकार किया कि बहावलपुर स्थित उसके संगठन के मुख्यालय पर भारत के मिसाइल हमले में उसके परिवार के 10 सदस्य और चार करीबी सहयोगी मारे गए।

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