'समुद्र में नाविकों पर हमले बर्दाश्त नहीं', UNGA में जयशंकर ने दुनिया को बताया PM मोदी का बड़ा प्लान

Jaishankar UNGA Speech: न्यूयोर्क में UNGA के 81वें सत्र के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने समुद्री व्यापार और नाविकों की सुरक्षा पर गंभीर चिंता जताई। भारत और लाइबेरिया ने मिलकर ‘ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स’ पहल की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य नाविकों की सुरक्षा के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना है।

Jaishankar UNGA Speech: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में हिस्सा ले रहे भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अंतर्राष्ट्रीय समुद्री व्यापार और नाविकों की सुरक्षा पर गहरा संकट जताते हुए कड़ा रुख अपनाया है। न्यूयोर्क में 'ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स ऑन सेफ्टी एंड सिक्योरिटी ऑफ शिपिंग एंड सीफारेर्स' की उद्घाटन बैठक को संबोधित करते हुए जयशंकर ने साफ कहा कि व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना और निर्दोष नाविकों की जान लेना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

Jaishankar UNGA Speech

विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र से की सख्त कार्रवाई की मांग

विदेश मंत्री ने याद दिलाया कि दुनिया का 80 प्रतिशत से भी अधिक व्यापार समुद्री रास्तों से ही होता है। ऐसे में समुद्री रास्तों पर बढ़ता तनाव और जहाजों पर होते हमले पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन के लिए बेहद खतरनाक हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक मर्चेंट फ्लीट को चलाने वाले करीब 20 लाख नाविक लगातार भयानक मानसिक तनाव, हमलों के खतरे, महीनों तक जहाजों पर फंसे रहने और घर लौटने में हो रही देरी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।

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