Israel Hamas War: गाजा में आतंकी संगठन हमास के खिलाफ इजरायल की कार्रवाई को लेकर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने चेताया है। ओबामा ने कहा है कि गाजा में खाने-पानी की आपूर्ति रोकने जैसे कदम फिलिस्तीनियों की आने वाली पीढ़ियों में इजरायल के प्रति गुस्सा बढ़ा सकता है और इजरायल को मिला अंतरराष्ट्रीय समर्थन कमजोर पड़ सकता है। ओबामा ने सोमवार को कहा कि 'मानवीय मूल्यों की अनदेखी कर इजरायल की कोई भी सैन्य कार्रवाई उसके लिए बैक फायर कर सकती है।'
इजरायल-हमास युद्ध पर बराक ओबामा का बयान।
इजरायल पर 7 अक्टूबर को हमास ने किया हमला
गत सात अक्टूबर को हमास ने हवा, पानी और आसमान के जरिए इजरायल पर भीषण हमला किया। इस हमले में इजरायल के कम से कम 1400 लोगों की मौत हुई। इसके बाद इजरायल के हमलों में गाजा में 5000 से ज्यादा लोगों की जान गई है। ओबामा ने हमास के हमलों की निंदा की और इजरायल की सुरक्षा के अधिकार का समर्थन किया। हालांकि, इस तरह के युद्धों में उन्होंने नागरिकों को होने वाले नुकसान के बारे में भी चेताया।
आत्म रक्षा के अधिकार का समर्थन कर चुके हैं ओबामा
इजरायल-हमास युद्ध पर बयान जारी करने से पहले ओबामा ने क्या अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से संपर्क किया था या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। ओबामा के राष्ट्रपति रहते हुए बाइडेन आठ साल तक उप राष्ट्रपति रह चुके हैं। राष्ट्रपति रहते हुए ओबामा ने इजरायल के आत्म रक्षा के अधिकार का समर्थन किया। लेकिन जैसे ही इजरायल के हवाई हमलों में फिलिस्तीन में हताहतों की संख्या बढ़ी, उन्होंने इजरायल से संयम बरतने के लिए कहा।
सुलह कराने में सफल नहीं हो पाए
45 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में फैले गाजा की आबादी करीब 23 लाख है। साल 2007 से इस क्षेत्र पर हमास शासन करता आया है। ओबामा ने भी इजरायल एवं फिलिस्तीन के बीच सुलह कराने की कोशिश की लेकिन वह इस मुहिम में सफल नहीं हो पाए। इजरायली युद्धक विमानों ने पूरे गाजा पट्टी के साथ-साथ सीरिया के दो हवाई अड्डों और हमास के कब्जे वाले वेस्ट बैंक में कथित तौर पर उग्रवादियों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली एक मस्जिद को निशाना बनाया है।
