Israel Hamas War: हमास के खिलाफ गाजा में छिड़ी जंग में पहली बार इजराइल और अमेरिका आमने-सामने आ गए हैं। दअरसल, अमेरिका ने युद्ध समाप्त होने के बाद इजराइल से गाजा का नियंत्रण फिलिस्तीनी प्राधिकरण (पीए) को सौंपने का सुझाव दिया था। हालांकि, इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पूरी तरह से अमेरिकी सुझाव को खारिज कर दिया है।
इजराइल हमास संघर्ष
इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, इजराइल सरकार ने युद्ध के बाद गाजा पट्टी के शासन को नियंत्रित करने वाले फिलिस्तीनी प्राधिकरण के सुझाव को खारिज कर दिया है। इजराइल ने अमेरिका को सूचित किया है कि फिलिस्तीनी प्राधिकरण (पीए) गाजा पट्टी पर पर्याप्त नियंत्रण नहीं रख पाएगा, क्योंकि हमास के फिर से संगठित होने की संभावना अधिक होगी।
फिलहाल IDF के पास रहेगा नियंत्रण
इजराइल पक्ष ने यह भी कहा कि इजराइल सरकार चाहती है कि इजराइल रक्षा बल (आईडीएफ) फिलहाल गाजा पर नियंत्रण रखे और बाद में आगे की संभावनाओं पर चर्चा करे। इजरायली सरकार ने बताया है कि गाजा पट्टी में सत्ता पर कब्जा करने के लिए हमास का फिलिस्तीनी प्राधिकरण के वरिष्ठ नेताओं को मौत की सजा देने का इतिहास रहा है। इजराइल सुरक्षा एजेंसी (आईएसए) भी गाजा पट्टी का नियंत्रण फिलिस्तीनी प्राधिकरण (पीए) को सौंपने का कड़ा विरोध कर रही है।
दक्षिणी गाजा पट्टी पर शुरू होगी जमीनी कार्यवाही
इस बीच इजरायली रक्षा मंत्री योव गैलांटे ने 18 नवंबर की शाम को घोषणा की कि इजरायली सेना दक्षिणी गाजा पट्टी में जमीनी अभियान शुरू करेगी।
गैलांटे ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इजरायली सेना गाजा पट्टी में हमास पर गंभीर कार्रवाई जारी रखे हुए है और जल्द ही दक्षिणी गाजापट्टी में अभियान शुरू करेगी। गैलांटे ने यह भी कहा कि गाजा पट्टी में इजरायली जमीनी अभियान दूसरे चरण में प्रवेश कर गया है और हमास को भारी झटका लगा है। उधर, हमास मीडिया कार्यालय ने 17 नवंबर को एक बयान में कहा कि फिलिस्तीन-इजरायल संघर्ष के नए दौर की शुरुआत के बाद से, गाजापट्टी पर इजरायली सेना के हमलों में 12 हज़ार से अधिक मौतें हुई हैं और 30 हज़ार से अधिक घायल हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, संघर्ष के कारण गाजापट्टी के लगभग 16 लाख निवासियों को अपना घर छोड़कर भागना पड़ा है।
(एजेंसी इनपुट)
