Israel on Pahalgam terror attack: इजरायल के वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिक ने सोमवार को कहा कि पहलगाम में हुए नृशंस आतंकी हमले ने उन्हें 7 अक्टूबर के भयावह हमलों की याद दिला दी। उन्होंने कहा कि उस हमले ने इजरायल और दुनिया को हिलाकर रख दिया था। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में दुनिया से एकजुट होने का आह्वान किया।
इजरायल के वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिक का पहलगाम आतंकी हमले पर बयान (फोटो/एएनआई)
ANI के साथ बातचीत में स्मोट्रिक ने रविवार को यरुशलम में हुए हालिया आतंकी हमले का जिक्र किया, जिसमें दो आतंकवादी एक बस में घुस गए और यात्रियों को गोली मार दी, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए।
'मुझे पहलगाम में हुए नरसंहार की याद आ गई'
स्मोट्रिक ने ANI को बताया, 'अभी हम बात कर रहे हैं, इजरायल में एक आतंकी हमला हुआ है, एक भयानक आतंकी हमला... दो आतंकवादी एक बस में चढ़े और यात्रियों पर गोली चला दी। हमले में छह लोग मारे गए और दस घायल हो गए। और जब मैंने यह सुना, तो मुझे पहलगाम में हुए नरसंहार की याद आ गई, और जब मैंने पहलगाम में हुए नरसंहार के बारे में सुना, तो मुझे 7 अक्टूबर के नरसंहार की याद आ गई।'
पहलगाम आतंकी हमला
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले में 26 नागरिक मारे गए थे, जिसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाकर सटीक हमले किए। भारतीय सशस्त्र बलों ने 7 मई को इस आतंकवादी हमले का बदला लेने के लिए ऑपरेशन सिंदूर चलाया।
हमास का हमला
वहीं, 7 अक्टूबर, 2023 को हमास ने इजरायल के खिलाफ एक बड़ा आतंकवादी हमला किया, जिसमें 1200 से ज्यादा लोग मारे गए। 6 सितंबर को X पर एक पोस्ट में, इजरायली रक्षा बलों ने बताया कि 48 लोग अभी भी बंधक हैं। टाइम्स ऑफ इजराइल की एक रिपोर्ट के अनुसार, गाजा में 48 बंधकों में से लगभग 20 जीवित बताए जा रहे हैं।
वित्त मंत्री बोले- एक ऐसी स्वतंत्र दुनिया बनाई जाए...
इजरायली वित्त मंत्री ने आगे इस बात पर जोर दिया कि कैसे पूरी दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में एकजुट होना चाहिए ताकि एक ऐसी स्वतंत्र दुनिया बनाई जा सके जो अभिव्यक्ति, धर्म और लोकतंत्र की स्वतंत्रता को महत्व दे और हर इंसान को सम्मान के साथ अपना जीवन जीने की अनुमति दे।
यूरोप-अमेरिका भी होंगे प्रभावित
स्मोट्रिक ने एएनआई को बताया, 'आखिरकार यह आजाद दुनिया की एक लड़ाई है, जो हर इंसान को सम्मान के साथ, आजादी और लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की आजादी, धार्मिक आजादी के मूल्यों के साथ जीने देना चाहती है और उन बुरी ताकतों के खिलाफ है जो इन सबके खिलाफ लड़ती हैं... मेरा मानना है कि पूरी आजाद दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में एकजुट होना होगा, क्योंकि एक दिन यह आपको प्रभावित करेगा, दूसरे दिन यह मुझे प्रभावित करेगा, एक दिन यह यूरोप या अमेरिका को प्रभावित करेगा और जो कोई भी सोचता है कि यह उन पर हावी नहीं होगा, वह बहुत देर से जागेगा।
