बांग्लादेश से एक खबर सामने आई है यहां हिंदू नेता और ISKCON के सदस्य चिन्मय कृष्ण दास प्रभु (chinmay das) को गिरफ्तार कर लिया गया है बता दें कि चिन्मय प्रभु लगातार बांग्लादेश में हो रही हिंदुओं के खिलाफ हिंसा का विरोध करते आ रहे हैं साथ ही उन्होंने हिंदुओं के समर्थन में हाल ही में बांग्लादेश में रैली भी निकाली थी।
चिन्मय कृष्ण दास प्रभु बांग्लादेश में गिरफ्तार
गौर हो कि बांग्लादेश में रहने वाले अल्पसंख्यक हिंदू निशाने पर हैं छात्र आंदोलन के दौरान हिंदुओं और उनके धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया गया था वहीं बांग्लादेश के खुलना मेहरपुर स्थित इस्कॉन मंदिर को भी निशाना बनाया गया था और ऐसा वहां की शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद से सामने आ रहा है।
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इस्कॉन मंदिर को भी निशाना बनाया था
बांग्लादेश के मेहरपुर स्थित इस्कॉन मंदिर पर हमले को लेकर चिन्मय प्रभु ने हिंदू मंदिरों की सुरक्षा पर गहरी चिंता जताई थी उन्होंने कहा था, 'चटगांव में तीन मंदिर खतरे में हैं, लेकिन हिंदू समुदाय ने मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों के साथ मिलकर अब तक उन्हें बचाया है' वहीं
चिन्मय प्रभु ने कहा था, 'कई हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा के रास्ते भारत भाग रहे हैं।'
चिन्मय कृष्ण दास प्रभु देशद्रोह का आरोप लगाया गया था
गौर हो कि अक्टूबर 2024 महीने में बांग्लादेश में इस्कॉन के चिन्मय कृष्ण दास प्रभु देशद्रोह का आरोप लगाया गया था हिन्दू संगठन से जुड़े अन्य लोगों पर भी केस दर्ज किया गया था बता दें कि चिन्मय कृष्ण दास प्रभु बांग्लादेश में इस्कॉन का बड़ा चेहरा हैं उनपर मामला दर्ज किया है। बता दें कि चिन्मय दास ब्रह्मचारी के साथ 19 अन्य हिंदू संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ यह मामला दर्ज किया गया है,इस्कॉन सचिव समेत हिन्दू संगठन से जुड़े लोगों और कार्यकर्ताओं पर आरोप है कि, एक प्रदर्शन के दौरान इन सभी आरोपियों ने बांग्लादेश के झंडे के ऊपर भगवा झंडा फहराया था।
