Iran News: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की गुप्त यात्रा वाली रिपोर्ट पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुरुवार को कहा कि 'इजराइल के साथ मिलकर साजिश करने वाले को जवाबदेह ठहराया जाएगा। ईरान के लोगों के साथ शत्रुता करना एक मुर्खतापूर्ण जुआ है।' दरअसल, इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बुधवार को कहा कि बेंजामिन नेतन्याहू ने गुप्त रूप से यूएई की यात्रा की थी। उनकी यह यात्रा ईरान के खिलाफ इजराइल के हमलों के दौरान हुई थी। अपनी इस यात्रा के दौरान नेतन्याहू यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नहयान से मिले थे।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची।
मोसाद के चीफ के भी यूएई आने की बात
इससे पहले द टाइम्स ऑफ इजराइल ने अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट दी कि इजराइल ने अपने आयरन डोम की बैटरी और उसे चलाने के लिए अपने सैनिक यूएई भेजे थे। यही नहीं, युद्ध के दौरान खुफिया एजेंसी मोसाद के चीफ डेविड बारनिया ने कम से कम दो बार यूएई की यात्रा की। यही नहीं, टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान के एक पेट्रोकेमिकल संयंत्र पर हमला करने की योजना भी कथित रूप से दोनों देश मिलकर बना रहे हैं।
यूएई ने खारिज की रिपोर्ट
हालांकि, नेतन्याहू की यात्रा वाली इस रिपोर्ट को यूएई ने खारिज किया है। यूएई का कहना है कि इजराइल से उसके यहां कोई शिष्टमंडल भी नहीं आया था। यूएई के विदेश मंत्रालय ने पूरी तरह से इस रिपोकर्ट को खारिज करते हुए कहा कि 'यूएई इस बात को फिर दोहराता है कि इजराइल के साथ जो हमारे संबंध हैं, वे जगजाहिर हैं और दोनों देश अब्राहम अकार्ड्स के ढांचे के अनुरूप अपनी गतिविधियां संचालित करते हैं। ऐसे में किसी अघोषित यात्रा अथवा किसी गुप्त व्यवस्था के बारे में बात करना जब तक कि यूएई के सक्षम अधिकारियों द्वारा पुष्टि नहीं कर दी जाती, पूरी तरह से आधारहीन है।'
लेबनान में जारी है इजराइल की कार्रवाई
ईरान के खिलाफ फिलहाल अभी सीजफायर है लेकिन इजराइल हिज्बुल्ला के खिलाफ लेबनान में हमले कर रहा है। हिजबुल्लाह के खिलाफ जारी जंग के बीच इजरायल ने एक बड़े रक्षा खरीद सौदे को मंजूरी भी दी है। नेतन्याहू ने रविवार को बताया कि इजरायल पहले से अधिक मजबूत है और उसे अपने दुश्मनों से हमेशा आगे रहना चाहिए। इसके लिए देश अपनी वायुसेना को आधुनिक एफ-35 और एफ-15आईए लड़ाकू विमानों से और सशक्त कर रहा है। साथ ही, रक्षा क्षेत्र में घरेलू उत्पादन और तकनीकी आत्मनिर्भरता को भी तेजी से बढ़ाया जा रहा है।
