Iran Protest: तेहरान की शेरिफ यूनीवर्सिटी के पास रविवार की रात हुए उग्र प्रदर्शन को शांत करने के लिए सुरक्षा कर्मियों द्वारा हिंसक कार्रवाई की गई। पुलिस कस्टडी में महसा अमिनी (Mahsa Amini) की मौत के बाद पूरे ईरान में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस दौरान एक प्रदर्शकारी महिला जो इस पूरी घटना को अपने कैमरे में रिकार्ड कर रही थी उस पर बाइक पर बैठे एक सुरक्षा कर्मी द्वारा गोली चलाई दी गई। ये पूरा घटनाक्रम उस महिला के कैमरे में रिकार्ड हो गया जो ईरान के पत्रकारों के ट्वीट करने के बाद सामने आया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि जब प्रदर्शनकारी महिला सुरक्षा कर्मियों की हिसंक कार्रवाई को अपने कैंमरे में रिकार्ड कर रही थी उसी दौरान बाइक पर बैठे एक सुरक्षा कर्मी ने महिला को देखकर अपनी गन फायर कर दिया।
महसा अमिनी की मौत के बाद ईरान में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं।
हिंसक प्रदर्शन में अब तक 92 लोगों की मौत
16 सितंबर को 22 वर्षीय महसा अमिनी की मौत के बाद पूरे ईरान में विरोध प्रदर्शन हुए है। नॉर्वे स्थित ईरान ह्यूमन राइट्स के मुलाबिक प्ररदर्शन के दौरान हुई हिंसा में अब तक 92 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही महिलाओं और सुरक्षा बलों के बीच पहले दिन से ही संघर्ष की खबरें सामने आ रही हैं। ईरान की मीडिया ने कई ऐसे वीडियो पोस्ट किए है जिसमें प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस पर पथराव, सुरक्षा कर्मियों की गाड़ियों में आग लगाना और पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए फायरिंग जैसी हिंसक घटनाएं देखने को मिली है।पेरिस और इस्तानबुल में भी प्रदर्शन
पुलिस हिरासत में महसा अमिनी की मौत पर ईरानी प्रदर्शनकारियों को अपना समर्थन देने के लिए हजारों लोगों ने रविवार को पेरिस में मार्च निकाला।कई महिला प्रदर्शनकारियों ने अपने बालों को काट कर इस पूरे प्रकरण का विरोध किया। पेरिस से मार्च करने से पहले ईरानी विरासत की महिलाएं, फ्रांसीसी नारीवादी समूह और प्रमुख राजनेता उन पूर्वी रिपब्लिक प्लाजा में आयोजित एक सभा में भी शामिल हुए। वहीं ईरानी शासन के विरोध में रविवार को सैकड़ों लोग इस्तांबुल में भी एकत्र हुए। ईरान और तुर्की के प्रदर्शनकारियों ने कादिकोय में इकट्ठा होकर ईरानी सरकार के पतन और महिलाओं की स्वतंत्रता के लिए प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ईरान में महिलाओं के साथ एकजुटता दिखाने के लिए हिजाब जलाया और अपने बाल काट दिए। जबकि कुछ अन्य महिलाओं ने जमकर नारेबाजी की।(हिमाशुं पुरोहित की रिपोर्ट)
