Iran Threatens To Lay Landmines: ईरान की रक्षा परिषद ने सोमवार को चेतावनी दी कि अगर जमीनी आक्रमण हुआ, तो वह पूरे फारस की खाड़ी में समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछा सकता है। रक्षा परिषद का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब तेहरान में इस बात को लेकर चिंता बढ़ रही है कि अमेरिकी मरीन नौसैनिक क्षेत्र में तैनात किए जा सकते हैं। रक्षा परिषद ने कहा, दुश्मन द्वारा ईरान के तटों या द्वीपों को निशाना बनाने का कोई भी प्रयास स्वाभाविक रूप से और स्थापित सैन्य प्रथाओं के अनुसार फारस की खाड़ी और तटीय इलाकों में पहुंच के सभी मार्गों को बारूदी सुरंगों से भर देने का कारण बनेगा।
ईरान ने दी नई धमकी
होर्मुज को फिर से खोलने की कोशिश
इस बीच, अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को ऊर्जा आपूर्ति के लिए फिर से खोलने की कोशिश कर रहा है, जो फारस की खाड़ी का संकरा प्रवेश द्वार है। इस मिशन को समर्थन देने के लिए अमेरिकी मरीन नौसैनिक ईरान के द्वीपों या उसके तटीय क्षेत्रों पर कब्जा करने के लिए उतर सकते हैं। वहीं, इजराइल ने भी संकेत दिया है कि युद्ध के दौरान जमीनी अभियान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
ईरान ने सोमवार को चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उसके बिजली संयंत्रों पर बमबारी करने की अपनी धमकी पर अमल करते हैं, तो वह पूरे मध्य पूर्व में बिजली संयंत्रों पर हमला करेगा। तेहरान की इस धमकी से खाड़ी अरब देशों में बिजली और पानी दोनों की आपूर्ति खतरे में पड़ गई है, खासकर तब जब इन रेगिस्तानी देशों में बिजली संयंत्रों के साथ-साथ खारे पानी को मीठा करने वाले संयंत्र भी हैं, जो पीने के पानी की आपूर्ति के लिए बेहद जरूरी हैं।
संयुक्त अरब अमीरात का परमाणु ऊर्जा संयंत्र भी शामिल
इस धमकी के बाद ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स ने ऐसे संयंत्रों की एक सूची प्रकाशित की, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात का परमाणु ऊर्जा संयंत्र भी शामिल है। पिछले दिन ईरान ने इजराइल के डिमोना को निशाना बनाकर मिसाइलें दागीं, जो उसके लंबे समय से संदिग्ध परमाणु हथियार कार्यक्रम के लिए सबसे अहम केंद्र के पास स्थित है। हालांकि, हमले में इजराइली संयंत्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
ट्रंप के अल्टीमेटम के बाद गैस के दामों में भारी उछाल
बता दें कि कि ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण नहीं छोड़ता है, तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों पर हमला करेगा। ईरान के साथ चल रहे युद्ध में जिसने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बाधित कर दिया है और प्राकृतिक गैस और गैसोलीन की कीमतों में भारी उछाल ला दिया है। 48 घंटे की समय सीमा मंगलवार को जीएमटी के अनुसार आधी रात से ठीक पहले समाप्त हो रही है।
