ईरान ने भारत के झंडे वाले 2 जहाजों के लिए होर्मुज स्ट्रेट खोला, भीषण युद्ध के बीच आखिर कैसे हुआ ये कमाल!

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। ईरान और ओमान के बीच के संकरे चैनल से रोजाना 20 मिलियन बैरल से अधिक कच्चा तेल गुजरता है। यह दुनिया की कुल तेल खपत का लगभग पांचवां हिस्सा और समुद्र द्वारा ले जाए जाने वाले सभी तेल का लगभग एक चौथाई है।

ईरान और अमेरिका-इजराइल युद्ध के बीच नई दिल्ली के लिए एक बड़ी राजनयिक जीत सामने आई है। ईरान ने गुरुवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची के बीच हुई बातचीत के बाद भारत के झंडे वाले टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी है। सूत्रों ने टाइम्स नाउ को बताया कि कम से कम दो भारतीय टैंकर - एमटी पुष्प ऑयल टैंकर और एमटी परिमल ऑयल टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रूप से गुजर रहे हैं, जबकि अमेरिका, यूरोप और इजरायल से जुड़े जहाजों को अभी भी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है। इससे साफ होता है कि भीषण युद्ध के बीच भारतीय कूटनीति ने अपना असर दिखाया है।

Hormuz Straight Iran

ईरान ने दो भारतीय जहाजों को दी होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत (Photo: AP/PTI)

कूटनीतिक स्तर पर भारत की सक्रियता

पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते हालात के बीच भारत ने एक बार फिर कूटनीतिक स्तर पर सक्रियता दिखाई है। 10 मार्च को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत कर क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के ताजा हालात पर चर्चा की। जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि दोनों नेताओं के बीच वर्तमान स्थिति को लेकर विस्तृत बातचीत हुई। इससे पहले दिन में जयशंकर ने ओमान के विदेश मंत्री सैय्यद बदर बिन हमद बिन हमूद अलबुसैदी से भी संपर्क किया था। इस दौरान भी दोनों के बीच पश्चिम एशिया में पैदा हुए संकट पर विचार-विमर्श हुआ था। भारत संघर्ष शुरू होने के बाद ईरान से संपर्क कर चुका है। छह दिनों के भीतर दूसरी बार हुई यह बातचीत इस बात का संकेत है कि भारत क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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