Hormuz Crisis Deepen: अमेरिका और ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। एक तरफ अमेरिका अनिश्चितकाल के लिए युद्धविराम को बढ़ाने की बात कर रहा, लेकिन ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी से भी पीछे नहीं हट रहा। वहीं, ईरान होर्मुज पर लगातार अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। आए दिन इस अहम समुद्री जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर गोलीबारी हो रही है। हाल ही में तो ईरान ने दो जहाजों पर पहले गोलीबारी की और बाद में उन्हें अपने कब्जे में ले लिया।
ईरान ने दो जहाजों पर किया कब्जा (फोटो साभार: AI)
अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी एसोसिएट प्रेस (AP) ने ईरानी मीडिया के हवाले से बताया कि, ईरान के अर्द्धसैन्य बल रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने बुधवार को दो जहाजों पर हमला किया। इसके बाद इन जहाजों को अपने कब्जे में ले लिया और उन्हें ईरान ले जाया जा रहा है।
कौन-कौन से जहाजों को कब्जे में लिया
आईआरजीसी ने जिन जहाजों को अपने कब्जे में लिया है, उनकी पहचान एमएससी फ्रांन्सेस्का और एपामिनोड्स के रूप में की गई है। आईआरजीसी ने आरोप लगाया कि इन जहाजों ने उनके समुद्री क्षेत्र का उल्लंघन किया और तेहरान से अनुमति लिए बगैर इस अहम जलमार्ग से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। फिलहाल, इन जहाजों के मालिकों की टिप्पणी सामने नहीं आई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका-ईरान के साथ युद्धविराम को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाएगा। युद्धविराम बुधवार को समाप्त होने वाला था।
IRGC ने लगाए गंभीर आरोप
आईआरजीसी ने अपने बयान में कहा कि जहाज तेहरान की इजाजत के बिना होर्मुज से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान, बयान में कहा गया कि होर्मुज पर निगरानी और नियंत्रण के तहत आईआरजीसी नौसेना ने आज सुबह दो उल्लंघन करने वाले जहाजों की पहचान की। IRGC ने उन पर बार-बार नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया, जिसमें नेविगेशनल सहायता प्रणालियों के साथ छेड़छाड़ करना और समुद्री सुरक्षा को खतरे में डालना शामिल है।
