क्या ईरान 'इस्लामिक NATO' में शामिल होगा? मक्का समझौता बदल देगा पश्चिम एशिया की तस्वीर, भारत के लिए क्या ऑप्शन?

Mecca Joint Defence Agreement: ईरान को सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के मक्का संयुक्त रक्षा समझौते में शामिल होने का न्योता। जानिए मिडिल ईस्ट की इस नई सुरक्षा व्यवस्था का भारत पर क्या असर पड़ेगा।

Islamic NATO: सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच एक नए रणनीतिक गठबंधन के तौर पर देखे जा रहे डिफेंस अलायंस में एक बड़ा मोड़ आ सकता है। अल-मायादीन की एक रिपोर्ट में एक सीनियर ईरानी अधिकारी का हवाला देते हुए बताया गया कि ईरान को हाल ही में बने मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट में शामिल होने के लिए न्योता दिया गया है। हालांकि, इस न्योते की खबर की अभी तक ईरान के विदेश मंत्रालय, सऊदी अरब, तुर्की या पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है।

क्या ईरान 'इस्लामिक NATO' में शामिल होगा? मक्का समझौता बदल देगा पश्चिम एशिया की तस्वीर, भारत के लिए क्या ऑप्शन?

क्या ईरान 'इस्लामिक NATO' में शामिल होगा? मक्का समझौता बदल देगा पश्चिम एशिया की तस्वीर, भारत के लिए क्या ऑप्शन?

अगर इस रिपोर्ट की पुष्टि हो जाती है और तेहरान इसे स्वीकार कर लेता है, तो यह एक अहम घटनाक्रम होगा। ईरान और सऊदी अरब ने मध्य-पूर्व के झगड़ों में बरसों तक एक-दूसरे के विरोधी पक्ष में समय बिताया है और हाल ही में उन्होंने राजनयिक संबंध फिर से बनाने शुरू किए हैं। अब, हो सकता है कि ये दोनों देश एक ही क्षेत्रीय सुरक्षा घेरे के तहत आ जाएं।...और भारत के लिए, इसके असर पश्चिमी एशिया की जियोपॉलिटिक्स से कहीं आगे तक जाएंगे।

End of Feed