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Iran Hormuz Strait: ईरान से युद्ध के बीच ट्रंप ने यूक्रेन को क्यों घसीटा? तिलमिलाए राष्ट्रपति बोले- NATO तेरा होगा 'बहुत बुरा भविष्य'

Donald Trump NATO warning: ट्रंप ने कहा कि हमें यूक्रेन के मामले में उनकी मदद करने की कोई जरूरत नहीं थी। यूक्रेन हमसे हजारों मील दूर है... लेकिन हमने उनकी मदद की। अब हम देखेंगे कि क्या वे हमारी मदद करते हैं।

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ईरान से युद्ध के बीच ट्रंप ने यूक्रेन को क्यों घसीटा?

Iran Hormuz Strait: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने (15 मार्च) चेतावनी दी कि अगर अमेरिका के सहयोगी देश होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में मदद नहीं करते हैं, तो उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (NATO) का भविष्य 'बहुत बुरा' हो सकता है। उनके इस संदेश को यूरोपीय देशों के लिए एक सीधी अपील के तौर पर देखा जा रहा है कि वे ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के बीच वॉशिंगटन के प्रयासों का समर्थन करें। उन्होंने NATO देशों को यूक्रेन-रूस युद्ध में अमेरिका द्वारा दी गई मदद की भी याद दिलाई। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस बात पर भी निराशा व्यक्त की कि ब्रिटेन ने शुरुआत में अमेरिका को अपने सैन्य अड्डों का इस्तेमाल करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।

'अगर कोई जवाब नहीं आता या अगर जवाब नेगेटिव हुआ तो...'

फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक टेलीफोनिक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, 'अगर कोई जवाब नहीं आता या अगर जवाब नेगेटिव होता है, तो मुझे लगता है कि यह NATO के भविष्य के लिए बहुत बुरा होगा। हमारे पास NATO नाम की एक चीज है... हम उनके साथ बहुत अच्छे रहे हैं। हमें यूक्रेन के मामले में उनकी मदद करने की कोई जरूरत नहीं थी। यूक्रेन हमसे हजारों मील दूर है... लेकिन हमने उनकी मदद की। अब हम देखेंगे कि क्या वे हमारी मदद करते हैं। क्योंकि मैं लंबे समय से कहता आ रहा हूं कि हम उनके लिए हमेशा मौजूद रहेंगे, लेकिन वे हमारे लिए मौजूद नहीं रहेंगे। और मुझे पक्का नहीं पता कि वे हमारे लिए मौजूद रहेंगे भी या नहीं।' वह ऐसे लोगों को भी चाहते थे जो [ईरानी] तट के आस-पास मौजूद कुछ बुरे तत्वों को खत्म कर सकें।' ट्रंप का इशारा था कि वह यूरोपीय कमांडो टीमों या अन्य सैन्य मदद चाहते हैं, ताकि खाड़ी क्षेत्र में ड्रोन और नौसैनिक माइंस के जरिए परेशानी खड़ी करने वाले ईरानियों को खत्म किया जा सके।

उन्होंने कहा, 'हम उन पर (ईरान) बहुत जोरदार हमला कर रहे हैं। उनके पास अब स्ट्रेट (जलडमरूमध्य) में थोड़ी-बहुत परेशानी खड़ी करने के अलावा कुछ नहीं बचा है; लेकिन इस स्थिति से फायदा उठाने वाले तो ये लोग ही हैं, इसलिए उन्हें इस इलाके की निगरानी करने में हमारी मदद करनी चाहिए। हम उनकी मदद करेंगे। लेकिन उन्हें भी वहां मौजूद रहना चाहिए। क्योंकि, कुछ मुट्ठी भर लोगों पर नजर रखने के लिए आपको काफी सारे लोगों की जरूरत पड़ती है।'

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की रक्षा के लिए ट्रंप ने मांगा 7 देशों का साथ

एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने मांग की है कि तेल पर बहुत ज्यादा निर्भर लगभग सात देश, होर्मुज जलडमरूमध्य की निगरानी के लिए बने एक गठबंधन में शामिल हों, लेकिन उन्होंने उन देशों के नाम नहीं बताए। इस जलडमरूमध्य के बारे में ट्रंप ने कहा, 'मैं मांग कर रहा हूं कि ये देश आगे आएं और अपने ही इलाके की रक्षा करें, क्योंकि यह उनका अपना ही इलाका है।' बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अन्य देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित रखने के लिए युद्धपोत भेजने की अपील पर रविवार को कोई प्रतिबद्धता नहीं मिली।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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