दुनिया

ईरान ने तीन लोगों को फांसी पर चढ़ाया, मोसाद के लिए जासूसी करने का था आरोप

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने मिजान न्यूज एजेंसी के हवाले से कहा कि ये लोग हत्याओं में इस्तेमाल उपकरणों की तस्करी के दोषी पाए गए जिसके बाद इन्हें फांसी दी गई। आरोप था कि मोसाद की मदद से इन लोगों ने उपकरणों की तस्करी की। मिजान की रिपोर्ट में कहा गया है कि इन लोगों ने जिन उपकरणों की तस्करी की उसका इस्तेमाल अज्ञात लोगों की हत्या में हुआ। हालांकि, रिपोर्ट में हत्या से जुड़ा कोई ओर ब्योरा नहीं दिया गया है।

Image

ईरान ने तीन लोगों को फांसी पर चढ़ाया।

Iran News : ईरान ने बुधवार को अपने यहां तीन लोगों को फांसी पर चढ़ा दिया। इन लोगों पर इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने का आरोप था। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने मिजान न्यूज एजेंसी के हवाले से कहा कि ये लोग हत्याओं में इस्तेमाल उपकरणों की तस्करी के दोषी पाए गए जिसके बाद इन्हें फांसी दी गई। आरोप था कि मोसाद की मदद से इन लोगों ने उपकरणों की तस्करी की। मिजान की रिपोर्ट में कहा गया है कि इन लोगों ने जिन उपकरणों की तस्करी की उसका इस्तेमाल अज्ञात लोगों की हत्या में हुआ। हालांकि, रिपोर्ट में हत्या से जुड़ा कोई ओर ब्योरा नहीं दिया गया है।

जासूसी पर ईरान में फांसी पर चढ़ाए जाते हैं दोषी

दशकों से इजरायल के साथ दुश्मनी निभाने वाले ईरान ने देश के खिलाफ साजिश और इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए काम करने के आरोप में बहुत सारे लोगों को फांसी पर चढ़ा चुका है। हाल के युद्ध में इजरायल ने ईरान के कई परमाणु वैज्ञानिकों को मारने का दावा किया है। समझा जाता है कि इजरायल ने कार्रवाई ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पटरी से उतारने और उसे खत्म करने के इरादे से की है।

जासूसी के आरोप में 700 लोग गिरफ्तार

नोउर न्यूज की रिपोर्ट में कहा गया है कि इजरायल के साथ संपर्कों के आरोप में कम से कम 700 लोगों को गिरफ्तार किया है। जासूसी के आरोप में ये गिरफ्तारियां 12 दिनों तक चले युद्ध के बाद लागू हुए सीजफायर के एक दिन बाद हुई हैं। द टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की न्यायपालिका ने कहा, 'इदरिस अली, आजाद शोजाई और रोसूल अहमद रोसूल ने हत्याएं करने के लिए देश में उपकरण आयात करने की कोशिश की। उपकरणों की तस्करी के आरोप में ये गिरफ्तार हुए और यहूदी देश के लिए काम करने पर इन पर मुकदमा चला। इन्हें आज सुबह सजा देते हुए फांसी पर चढ़ाया गया।' ये फांसी तुर्किये सीमा के नजदीक उत्तर पश्चिमी शहर उर्मिया में हुई।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

और पढ़ें
End of Article