US Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इस बढ़ते तनाव के बीच ईरान में एक सैन्य सूत्र ने बड़ा बयान देते हुए चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) कोई गलत कदम उठाते हैं, तो ईरान उस पर कड़ी प्रतिक्रिया देने से पीछे नहीं हटेगा। सूत्र के अनुसार, ईरान ने ऐसी स्थिति के लिए पहले से ही तैयारी कर रखी है और अमेरिका व उसके सहयोगियों को भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
ईरान ने दी दुनियाभर में हाहाकार मचाने वाली धमकी
ईरानी समाचार एजेंसी तसनीम के सवाल के जवाब में सूत्र ने कहा कि ट्रंप की धमकियां उनकी मजबूरी और हताशा को दर्शाती हैं, न कि उनकी ताकत को। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका, ईरान के पावर प्लांट या अन्य महत्वपूर्ण ढांचों को निशाना बनाता है, तो इसका जवाब बेहद सख्ती से दिया जाएगा।
अमेरिका के लिए ब्लैक होल तैयार किया
सूत्र ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, 'अगर ट्रंप अपनी नीतियों के चलते एक गड्ढे से दूसरे गड्ढे में गिरना चाहते हैं, तो हमने उनके लिए एक ‘ब्लैक होल’ तैयार किया है, जिससे बाहर निकलना असंभव होगा।'
ईरान ने यह भी संकेत दिया कि संभावित जवाबी कार्रवाई में सऊदी अरब की अरामको ऑयल फैसिलिटी (Aramco oil facilities), यनबू ऑयल टर्मिनल और फुजैरा पाइपलाइन जैसे अहम ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है। इससे क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति पर बहुत ही गंभीर असर पड़ सकता है।
तेल की कीमतें 200 डॉलर पहुंचाने की तैयारी
सैन्य सूत्र ने यह भी कहा कि ट्रंप यह मानते हैं कि उनकी धमकियों से होर्मूज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) खुला रहेगा और तेल की कीमतें नियंत्रित रहेंगी। अगर स्थिति बिगड़ती है, तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।
जानकारों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच मौजूदा तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर रूप से पड़ सकता है। जिस तरह की धमकी ईरान की तरफ से मिल रही है, अगर वह ऐसा करने में सफल रहते हैं तो दुनिया की लगभग 32 फीसद ऑयल सप्लाई बाधित हो जाएगी। यही नहीं अगर वह इसका आधा भी कर पाए तो दुनिया की तेल मार्केट में आग लग जाएगी और कीमतें ऐसी बेतहाशा बढ़ेंगी कि हर तरफ हाहाकार मच जाएगा।
बाब-अल-मंदेब अकेले ही प्रतिदिन लगभग 60 लाख बैरल तेल का प्रबंधन करता है। फुजैरा दुनिया के सबसे बड़े बंकरिंग हब में से एक है। जबकि यनबू सऊदी अरब के तेल क्षेत्रों को लाल सागर से जोड़ने वाली प्रमुख धमनियों में से एक है।
