'जम्मू-कश्मीर का पूरा क्षेत्र हमेशा भारत का अभिन्न अंग है और रहेगा', UN में India ने पाकिस्तान को फिर लताड़ा

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  • Updated Oct 13, 2022, 09:26 AM IST

India at UN: अंतरराष्ट्रीय मंच पर कश्मीर मुद्दे पर अपना दुष्प्रचार करने वाले पाकिस्तान को एक बार फिर से वैश्विक मंच पर करारा जवाब मिला है। भारत ने जम्मू और कश्मीर पर पाकिस्तान की टिप्पणी को निराधार बताते हुए उस पर संयुक्त राष्ट्र मंच का सार्वजनिक दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।

KEY HIGHLIGHTS
  • सयुंक्त राष्ट्र (UN) में में Pakistan को भारत ने फिर दिखाया आईना
  • झूठे आरोप लगाने वाले पाकिस्तान को अपने बयानों से आना चाहिए बाज- भारत
  • भारत बोला- सीमा पार आतंकवाद को रोकना चाहिए ताकि हमारे नागरिक अपने जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार का आनंद ले सकें

संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत (India) ने पाकिस्तान (Pakistan) को करारा जवाब दिया है। यूएन में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज (Ruchira Kamboj) ने यूएन का मंच इस्तेमाल कर भारत पर झूठे आरोप लगाने वाले पाकिस्तान को अपने बयानों से बाज आने को कहा। साथ ही बता दिया कि जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) भारत का अभिन्न अंग था है और रहेगा। रूस और यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine War) पर चिंता जताते हुए भारत ने कहा कि भारत यूक्रेन में संघर्ष के बढ़ने पर चिंतित है, जिसमें नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना और नागरिकों की मौत शामिल है।

India at UN Ruchira Kamboj

UN में बोला भारत- जम्मू-कश्मीर का पूरा क्षेत्र हमारा अभिन्न अंग है और रहेगा

पाकिस्तान को लताड़

UN में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने कहा, 'हमने देखा है कि एक पक्ष इस मंच का गलत इस्तेमाल करके भारत के खिलाफ आधारहीन और ओछी बातें करता है। झूठी सोच पर आधारित ऐसे बयानों का सामूहिक तौर पर खंडन किया जाना जरूरी है. एक बार फिर ये बताना जरूरी है कि जम्मू-कश्मीर हमेशा भारत का अभिन्न अंग था, है और रहेगा,पाकिस्तान माने या ना माने। हम पाकिस्तान से आतंकवाद पर रोक लगाने को कहते हैं ताकि हमारे नागरिक जीवन के अधिकार का ठीक से इस्तेमाल कर सकें'

पाकिस्तान ने क्या कहा?

काम्बोज का जवाब मुनीर अकरम द्वारा कश्मीर मुद्दे को उठाने के बाद आया। मुनीर ने कहा था, 'अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत, आत्मनिर्णय का अधिकार उन लोगों पर लागू होता है जो विदेशी या औपनिवेशिक प्रभुत्व के अधीन हैं और जिन्होंने अभी तक आत्मनिर्णय के अधिकार का प्रयोग नहीं किया है जैसा कि जम्मू-कश्मीर का मामला है। आत्मनिर्णय के अधिकार का अभ्यास "सैन्य कब्जे से मुक्त वातावरण" में संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में किया जाना चाहिए।' भारत ने पाकिस्तान को फटकार लगाई और कहा, 'हमने देखा है, आश्चर्यजनक रूप से, फिर भी एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा इस मंच का दुरुपयोग करने और मेरे देश के खिलाफ बेकार और व्यर्थ टिप्पणी करने का प्रयास किया गया है।'

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