UN के शांति अभियानों में बड़े बदलाव की जरूरत, भारत ने उठाई आवाज, कहा-सिर्फ वादे नहीं, संसाधन भी चाहिए

भारत के सैन्य सलाहकार कर्नल तरुणेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि शांति स्थापना संयुक्त राष्ट्र के जनादेश का अनिवार्य हिस्सा है। भारत के स्थायी मिशन ने इस बयान को सोशल मीडिया मंच X पर साझा किया। सिंह ने गुटनिरपेक्ष आंदोलन की ओर से मोरक्को द्वारा दिए गए वक्तव्य के साथ भारत की सहमति भी जताई।

UN peacekeeping missions: भारत ने संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों को 'बेहतर संसाधन-संपन्न, बेहतर सुरक्षित और अधिक प्रतिनिधिक' बनाने की मांग की है। शांति अभियानों की संपूर्ण समीक्षा पर आयोजित वार्षिक बहस को संबोधित करते हुए भारत के सैन्य सलाहकार कर्नल तरुणेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि शांति स्थापना संयुक्त राष्ट्र के जनादेश का अनिवार्य हिस्सा है। भारत के स्थायी मिशन ने इस बयान को सोशल मीडिया मंच X पर साझा किया। सिंह ने गुटनिरपेक्ष आंदोलन की ओर से मोरक्को द्वारा दिए गए वक्तव्य के साथ भारत की सहमति भी जताई।

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UN के शांति अभियानों में बड़े बदलाव की जरूरत।

सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धांजलि

सिंह ने इस वर्ष जान गंवाने वाले शांति सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि भारत अब तक 50 मिशनों में 3 लाख से अधिक सैनिक तैनात कर चुका है और इस नाते सबसे बड़ा सैन्य योगदानकर्ता है। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र ध्वज तले कर्तव्य निभाते हुए 184 भारतीय शांति सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है।

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