रूस का एक भी शहर बना निशाना तो बर्बादी तय, NATO से यूरोपीय यूनियन की खास मांग

  • Produced by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलEdited by: ललित राय
  • Updated Dec 1, 2022, 08:11 AM IST

रूस-यूक्रेन जंग में यूक्रेन को मिल रही पश्चिमी देशों से हथियारों की मदद को लेकर पुतिन पहले भी यूरोपीय देशों के बख्शने के मूड में नहीं थे अब जो खबर सामने आई है उसके बाद पुतिन का अपने सबसे घातक न्यूक्लियर कदम को उठाना तय माना जा रहा है।

रूस-यूक्रेन जंग में अब तो जो कुछ आपने देखा।भयंकर युद्ध की जितनी भी तस्वीरें आपकी आंखों के सामने से गुज़रीं वो बस ट्रेलर थीं। क्योंकि अब जो होने जा रहा है।वो पुतिन के परमाणु प्लान को एक्जेक्यूट करने की गारंटी बन जाएगा।.यूरोपीय यूनियन देशों ने यूक्रेन को रूस की भीतर जंग के अहम ठिकानों पर सीधे हमले करने की अनुमति देने की मांग NATO से की है।.समझना मुश्किल नहीं कि रूस के एक भी शहर या मिलिट्री सेंटर यूक्रेनी स्ट्राइक हुई तो पुतिन अपना ब्रह्मास्त्र सिर्फ यूकेन के लिए नहीं चलाएंगे बल्कि इसकी ज़द में यूरोपीय देश भी होंगेऔर अमेरिका भी।आखिर ऐसी नौबत क्यों आ गई है। जरा पहले ये सुनिए यूरोपीय संघ के देशों में से एक लातविया के विदेश मंत्री एगार्स रिंकेविक्स ने यूक्रेन के लिए NATO से एक सिफारिश की है।

क्या नाटो देश करेंगे न्यूक्लियर अटैक

विदेश मंत्री लातविया के विदेश मंत्री एगार्स रिंकेविक्स ने कहा कि हमें यूक्रेन को रूस के मिसाइल साइट्स या एयरफील्ड्स पर निशाना साधते हुए हमला करने की अनुमति देनी चाहिए। जहां से ऐसे ऑपरेशन्स को अंजाम दिया जा रहा है। लातविया के विदेशमंत्री के बयान ने रूस-यूक्रेन जंग को एटॉमिक वॉर की तरफ एक कदम और धकेल दिया है सच ये है कि पुतिन इस बात का इंतज़ार नहीं करेंगे कि यूक्रेन DEEP STRIKE रूस में करे अगर ऐसा हुआ तो क्या अंजाम वही होगा जिसका अलार्म बहुत पहले पुतिन बजा चुके हैं यूक्रेन के साथ ही उसके सोपर्ट में खड़े देशों पर न्यूक्लियर स्ट्राइक?पुतिन के निशाने पर वैसे भी पश्चिमी देश जंग के शुरुआती दौर से ही हैं क्योंकि अमेरिका और पश्चिमी देशों से मिली हथियारों की मदद की वजह से ही यूक्रेन रूस के सामने जंग में टिका हुआ है।और पुतिन को ये हालात बहुत बेचैन कर रहे हैं. पुतिन कई बार पश्चिमी देशों को इस मदद की भारी कीमत चुकाने की ताकीद कर चुके हैं।

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