Masood Azhar News: भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर हमला किया, इसमें मसूद अजहर के परिवार के 10 लोगों की मौत पर मसूद की प्रतिक्रिया सामने आई है और उसका कहना है ' काश मैं भी मारा गया होता...' ऐसा मीडिया सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है।
मसूद अजहर
गौर हो कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादी कैंपों पर जवाबी हमले किए और कई आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया है।
बता दें कि मसूद अजहर भारत की हिटलिस्ट में टॉप पर है, सरकार का कहना है कि मसूद पाकिस्तान के कहने पर आतंकी हमलों को अंजाम देता है। वहीं 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद अजहर ने दुख जताते हुए कहा, काश मैं भी मारा गया होता...।
गौर हो कि तबाह किए गए ठिकानों के सबूत पेश करते हुए कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा, 'वीडियो में तबाह किए गए आतंकी शिविरों को दिखाया गया है, जिसमें मुरीदके भी शामिल है, जहां 2008 के मुंबई आतंकी हमलों में शामिल अजमल कसाब और डेविड हेडली ने ट्रेनिंग ली थी'
जिन 9 आतंकी ठिकानों पर हमला किया उसमें बहावलपुर भी एक
भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके के जिन 9 आतंकी ठिकानों पर हमला किया उसमें बहावलपुर भी एक है। बहावलपुर पाकिस्तान की सीमा में अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर से करीब 100 किमी अंदर है। इस आतंकी ठिकाने को निशाना बनाने के पीछे प्रमुख कारण अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी मौलाना मसूद अजहर है। ये वही मौलाना मसूद अजहर है, जिसे साल 1999 में हुए प्लेन हाईजैक में भारत को कांधार जाकर छोड़ना पड़ा था।मसूद अजहर का आतंकी चेहरा पूरी तरह से दुनिया के सामने आया
साल 1999 में भारत के एक विमान को आतंकवादियों ने नेपाल से हाईजैक कर लिया। आतंकवादी एयर इंडिया के इस विमान IC-814 को हाईजैक करके कांधार (अफगानिस्तान) ले गए। आतंकवादियों ने विमान को छोड़ने के बदले मौलाना मसूद अजहर और अन्य आतंकवादियों को छुड़वा लिया। तब भारत को आतंकवादियों की मांग के आगे झुकना पड़ा और आतंकी मौलाना मसूद अजहर को छोड़ना पड़ा। इसके बाद मौलाना मसूद अजहर का आतंकी चेहरा पूरी तरह से दुनिया के सामने आया।
