ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई इजराइल-अमेरिका के संयुक्त ऑपरेशन में मारे जा चुके हैं। इजराइल इसके लिए पहले से ही तैयारी कर रहा था, हमले के प्रथम चरण में खामेनेई के ऑफिस पर सफल निशाना साधने में सफल रहा। जिसमें खामेनेई अपने परिवार के कई अहम सदस्य और वरिष्ठ कमांडर के साथ मारे गए। अब इजराइली डिफेंस फोर्सस (IDF) ने उस ऑपरेशन की जानकारी दे दी है, जिसमें खामेनेई मारे गए हैं।
कैसे मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (फोटो- IDF&AP)
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इजराइल ने पहले से ही कर रखी थी तैयारी
IDF ने दावा करते हुए कहा है कि उसने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को मार गिराया है। IDF के प्रवक्ता के मुताबिक, 28 फरवरी 2026 को तेहरान के बीचों-बीच स्थित एक लीडरशिप कंपाउंड पर सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर हवाई हमला किया गया, जहां खामेनेई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौजूद थे। यह कार्रवाई वायुसेना ने मिलिट्री इंटेलिजेंस सर्विस के साथ तालमेल में अंजाम दी। IDF का कहना है कि यह हमला लंबे समय से तैयार की गई रणनीति का हिस्सा था।
खामेनेई को ठहराया कई हमलों का जिम्मेदार
IDF ने अपने बयान में आरोप लगाया कि 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता रहे अली खामेनेई इजराइल और पश्चिमी देशों के खिलाफ कट्टरपंथी विचारधारा के मुख्य सूत्रधार थे। सेना का दावा है कि उन्होंने ईरानी नागरिकों पर वर्षों तक दमन चलाया और इजराइल के खिलाफ आतंकवादी नेटवर्क खड़ा किया, जिसे IDF ने “ईरानी ऑक्टोपस” करार दिया। इस नेटवर्क के जरिए मध्य-पूर्व में कई आतंकी संगठनों को समर्थन दिया गया, जिनमें प्रमुख रूप से हिज्बुल्लाह का नाम शामिल है। IDF के अनुसार, खामेनेई दुनिया भर में हुए कई आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार थे।
इजराइल अपने दुश्मनों को छोड़ेगा नहीं- IDF
IDF ने इस कार्रवाई को “ऐतिहासिक चक्र का अंत” बताया और कहा कि यह ईरानी आतंकवादी धुरी के खिलाफ चल रहे अभियान की कड़ी है, जिसमें पहले भी कई शीर्ष कमांडरों को निशाना बनाया गया है। सेना ने दोहराया कि यह कदम इजराइल के नागरिकों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है-कि जो भी तत्व इजराइल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, उसे कहीं भी और कभी भी रोका जाएगा।
