Houthis Rebels: यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने गदर काटा हुआ है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के दक्षिणी प्रवेश द्वार पर स्थित एक रणनीतिक द्वीप पर कब्जा कर लिया है जिससे ईरान युद्ध में एक नया मोर्चा खुल गया है और सऊदी अरब की ओर से होने वाले तेल निर्यात पर संकट गहरा गया।
हूती विद्रोही
इस बीच, एडवांस हो रहे हूती विद्रोहियों ने दुनिया को चौंका दिया। हूतियों ने अपने हथियारों के जखीरे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को शामिल कर लिया है। दावा किया जा रहा है कि हूतियों ने यमन के लेफ्टिनेंट जनरल तारेक सालेह की आवाज को एआई की मदद से क्लोन किया और फिर क्लोन वाइस की मदद से सैनिकों को पीछे हटने का निर्देश दिया।
तारेक सालेह की आवाज जैसी सुनाई देने वाली एक ऑडियो रिकॉर्डिंग तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें सैनिकों को पीछे हटने का निर्देश दिए जाने का दावा किया गया। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, तारेक सालेह की नेशनल रेजिस्टेंड फोर्स ने आरोप लगाया कि हूती विद्रोहियों ने एआई की मदद से उनके कमांडर की हू-ब-हू आवाज तैयार की, ताकि सैनिकों को भ्रमित किया जा सके। हालांकि, टाइम्स नाउ नवभारत ऐसे किसी भी ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है।
AI ऑडियो में क्या?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित ऑडियो में तारेक सालेह जैसी आवाज सुनाई दे रही है और वह सैनिकों से कह रहे हैं कि युद्ध में आगे बढ़ने और पीछे हटने जैसी दोनों स्थितियां आती हैं और इसमें शर्म की कोई बात नहीं। संदेश में यह भी कहा गया कि उनके पास रिजर्व बल और लड़ाई जारी रखने के लिए पर्याप्त ताकत मौजूद है।
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वायरल रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर यह भी कहा गया कि आंतरिक विश्वासघात, सहयोगियों की विफलता और भारी नुकसान के बाद सभी इकाइयां मोखा से पीछे हट जाएं, ताकि दुश्मन को खुले इलाके में निशाना बनाया जा सके।
मोखा पर हूतियों का कब्जा
हूती विद्रोहियों ने मोखा पोर्ट पर कब्जा कर लिया है। इस कब्जे के बाद हूती अल-मंदेब स्ट्रेट से महज 75 किलोमीटर दूर रह गए हैं। हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के आसपास कई वर्षों में अपना सबसे बड़ा क्षेत्रीय विस्तार किया है। यह दुनिया के प्रमुख समुद्री व्यापार बढ़ोतरी में से एक है। इस घटना से ईरान को अमेरिका पर दबाव बढ़ाने के लिए दुनिया में तेल और गैस की कीमतें बढ़ाने की अपनी रणनीति को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
