राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ हर कदम पर मुस्तैद और चौकन्ने नजर आने वाले अधिकारी ऋषभ सिंह सांब्याल से शायद ही कोई अनजान हो। बीते कुछ सालों में आपको राष्ट्रपति जिस भी समारोह में नजर आई होंगी, वहां उनके एडीसी ऋषभ सिंह सांब्याल भी दिखाई दिए होंगे। मार्च 2023 में उन्होंने राष्ट्रपति के एडीसी की जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद से अपनी शानदार पर्सनालिटी, अनुशासन और बेहद सतर्क अंदाज के चलते उन्होंने अलग पहचान बनाई। राष्ट्रपति के आसपास उनकी हर वक्त सक्रिय मौजूदगी और तेज-तर्रार रवैया लोगों का ध्यान खींचता रहा है। आधिकारिक कार्यक्रमों के दौरान उनकी सजगता और पेशेवर अंदाज की झलक साफ दिखाई देती है।
एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया कि उनसे पहली मुलाकात में उन्हें अपनी मां की याद आ गई। मिलिट्री सर्विस के चलते अपनी मां से सालों तक दूर रहने के कारण उन्हें राष्ट्रपति का स्नेह भरा व्यवहार काफी अपना सा लगा। इस बीच लोगों के मन में सवाल हैं कि ऋषभ सिंह सांब्याल ने शादी क्यों नहीं की? राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ उनका रिश्ता कैसा था? राष्ट्रपति के प्रति एडीसी की जिम्मेदारियां क्या होती हैं? राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री के पैर क्यों नहीं छूते हैं? हाल ही में राज शमानी के पॉडकास्ट में ऋषभ ने इन सभी चीजों का जवाब दिया है। यहां आप इन सभी सवालों के जवाब जान सकते हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व ADC ऋषभ सांब्याल
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ मां जैसा लगा: ऋषभ सिंह सांब्याल
एडीसी रहे ऋषभ ने राज शमानी के पॉडकास्ट में बताया कि राष्ट्रपति के साथ उनका रिश्ता बेहद भावनात्मक और मातृत्व का था। जब उन्होंने पहली बार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को देखा, तो उन्हें अपनी मां की याद आ गई। यह बॉन्ड सच में बेहद अनोखा और अनमोल था। मैं 2013-2014 में घर से निकलता था और तब से कभी भी मां के साथ रहने का मौका नहीं मिला। करीब 6 महीने में एक बार मिलना होता था और फिर अगले 6 महीने तक नहीं। लेकिन मैंने हमेशा से राष्ट्रपति जी के साथ बहुत सहज महसूस किया। यह 3 साल का समय था जब मैं हर वक्त प्रेसिडेंट के साथ रहा।
राष्ट्रपति नहीं, मां जैसा लगा..
इस दौरान ऋषभ ने उस वाकये को भी याद करते हुए बताया कि मैं राष्ट्रपति के साथ चल रहा था, तभी बारिश होने लगी। उन्होंने बिना किसी निर्देश या औपचारिक प्रोटोकॉल के तुरंत छतरी राष्ट्रपति की ओर कर दी। ऋषभ ने कहा कि उन्हें किसी ने यह नहीं सिखाया था कि बारिश में राष्ट्रपति के लिए छतरी कैसे पकड़नी है, बल्कि यह उनके लिए एक इंसान और एक फौजी के तौर पर स्वाभाविक प्रतिक्रिया थी। उनका सीधा-सा विचार था कि जिस तरह वह अपनी मां को बारिश में भीगने नहीं देते, उसी तरह राष्ट्रपति को भीगता हुआ कैसे देख सकते थे। उन्होंने कहा कि उस पल उनके लिए सामने देश की राष्ट्रपति नहीं, बल्कि मां जैसी सम्मानित शख्सियत थीं। यही वजह है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रति उनके मन में सिर्फ कर्तव्य का भाव नहीं, बल्कि एक बेटे जैसा गहरा सम्मान और अपनापन भी रहा।
रिटायरमेंट से पहले ऋषभ संब्याल ने क्यों छोड़ी नौकरी
इसका जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि एक उम्र के बाद एक बेटे के तौर पर परिवार के प्रति मेरी कुछ जिम्मेदारियां हैं, जिनसे मैं पीछे नहीं हट सकता था। मैंने कभी नहीं सोचा था कि जिस बच्चे ने हमेशा से सेना की वर्दी पहनने का सपना देखा था, उसे कभी ऐसा फैसला लेना पड़ेगा। लेकिन मुझे यह निर्णय लेना पड़ा, क्योंकि मैं उन लोगों के लिए सेल्फिश नहीं होना चाहता था, जो मुझे इस दुनिया में लेकर आए। यह मेरे लिए बेहद मुश्किल फैसला था, लेकिन परिवार की जरूरतों और अपनी जिम्मेदारियों को देखते हुए मुझे यह कदम उठाना पड़ा।
पूर्व एडीसी ऋषभ सांब्याल 1
ऋषभ संब्याल ने क्यों नहीं की शादी?
इसका जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि, राष्ट्रपति के एडीसी के रूप में कुछ सख्त नियम और प्रोटोकॉल होते हैं। इस नियुक्ति के दौरान आपकी ड्यूटी 24 घंटे होती है और आपका फोकस सिर्फ और सिर्फ देश के राष्ट्रपति की सुरक्षा पर रहता है। नियमों के मुताबिक जब तक आप इस पद पर तैनात रहते हैं तब तक शादी नहीं कर सकते हैं। आपको अपने परिवार से दूर रहना होता है। आपका पूरा समर्पण और समय सिर्फ और सिर्फ आपकी जिम्मेदारी के लिए रिजर्व रहता है।
राष्ट्रपति के प्रति एडीसी की जिम्मेदारियां क्या होती हैं?
ऋषभ ने बताया कि एडीसी राष्ट्रपति के सबसे करीबी अधिकारी होते हैं। उनकी जिम्मेदारी आधिकारिक या अनौपचारिक हर चीज के लिए होती है। अगर राष्ट्रपति प्रधानमंत्री से बात करना चाहती हैं तो एडीसी प्रधानमंत्री के संबंधित लोगों से संपर्क करेंगे और डायरेक्ट प्रधानमंत्री से बात करवाएंगे।
राष्ट्रपति के प्रति एडीसी की जिम्मेदारियां
वहीं, निजी जीवन से जुड़ी जरूरतों का भी एडीसी को ध्यान रखना होता है। मान लीजिए अगर राष्ट्रपति कोई हेलमेट खरीदना चाहती हैं, तो वह बाजार जाकर खुद खरीदारी नहीं कर सकतीं। ऐसे में वह एडीसी को अपनी जरूरत बताती हैं और इसके बाद एडीसी संबंधित एजेंसियों और विभिन्न टीमों से संपर्क करते हैं। उन्होंने बताया कि हम राष्ट्रपति की जरूरतों को समझते हैं। उन्हें सिर्फ यह बताना होता है कि उन्हें हेलमेट चाहिए। मैं जानता हूं कि उनके मन में क्या है और उन्हें कैसा हेलमेट पसंद आएगा। इसलिए अगर वह सिर्फ हेलमेट कहती हैं, तो मुझे पता होता है कि उनके लिए किस तरह का हेलमेट लेना है और मैं तीन-चार विकल्प लेकर आऊंगा।
राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री के पैर क्यों नहीं छू सकते हैं?
उन्होंने बताया कि सुरक्षा कारणों से कोई राष्ट्रपति के पैर नहीं छू सकता या हाथ नहीं मिला सकता। उन्होंने कहा कि आपको व्यक्ति की नीयत का पता नहीं होता। आप सामने वाले पर कैसे भरोसा कर सकते हैं पानी के गिलास तक को लेकर सावधानी बरती जाती है।
