PM Modi US visit : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे पर पाकिस्तान ने प्रतिक्रिया दी है। राज्य मंत्री हिना रब्बानी खार ने गुरुवार को कहा कि संप्रभु देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को पाकिस्तान हमेशा सकारात्मक रूप में देखेगा। इन संबंधों को नकारात्मक तरीके से नहीं देखना चाहिए। रिपोर्टों के मुताबिक वॉयस ऑफ अमेरिका को दिए एक इंटरव्यू में खार ने कहा कि 'हर किसी बात में नकारात्मक चीजें ढूंढने की जरूरत नहीं है।' पाकिस्तान में पीएम मोदी का यह दौरा चर्चा का विषय बना हुआ है। पाकिस्तानी नागरिक भारत की बढ़ती ताकत एवं अमेरिका के साथ रिश्तों में आई मजबूती पर बात कर रहे हैं।
अपनी चार दिनों की अमेरिकी यात्रा पर हैं पीएम मोदी।
अपनी पहली राजकीय यात्रा पर यूएस पहुंचे हैं पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी अपनी पहली राजकीय यात्रा पर अमेरिकी पहुंचे हैं। उनका यह आधिकारिक दौरा 21 जून को शुरू हुआ। वह 24 जून तक अमेरिका में रहेंगे। 21 जून को न्यूयॉर्क में योग दिवस कार्यक्रम में शरीक होने के बाद वह वाशिंगटन डीसी पहुंचे। वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और प्रथम महिला जिली बाइडेन ने व्हाइट हाउस में उन्हें व्यक्तिगत भोज पर आमंत्रित किया।
22 जून को अमेरिकी कांग्रेस को करेंगे संबोधित
इस दौरान पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति एवं उनकी पत्नी को उपहार भेंट किया। 22 जून को प्रधानमंत्री मोदी यूएस कांग्रेस की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगे। पीएम मोदी के इस संबोधन पर देश और दुनिया की नजरें लगी हैं। पीएम का यह दौरा काफी अहम है। इस दौरे को अमेरिका और भारत के रिश्ते में नए चैप्टर की शुरुआत मानी जा रही है। अमेरिका की जनरल इलेक्ट्रानिक और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के बीच ऐतिहासिक करार हुआ है। जीई और एचएएल मिलकर जेट इंजन का निर्माण करेंगे। ये इंजन फाइटर जेट तेजर मार्क-2 में लगेंगे।
जेट इंजन बनाने पर हुआ करार
इसके अलावा भारत, अमेरिका से एमक्यूबी प्रीडेटर ड्रोन, होवित्जर तोपों के नवीनीकरण, बख्तरबंद गाड़ियों के खरीद से जुड़े डील कर रहा है। इन हथियारों की डील पहले ही हो चुकी है। पीएम की इस यात्रा के दौरान बस इनकी औपचारिक घोषणा होनी बाकी है। भारत और अमेरिका के बीच एआई को लेकर भी करार हो सकता है। इस दौरे की सबसे खास बात जेट इंजन पर करार है। यह पहली बार है जब अमेरिका भारत में जेट इंजन बनाने के साथ-साथ इसकी तकनीक भी भारत को हस्तांतरित करेगा।
प्रीडेटर ड्रोन से बढ़ेगी सेना की ताकत
प्रीडेटर ड्रोन के आने से समुद्री एवं चीन एवं पाकिस्तान की सीमा की निगरानी करना और आसान हो जाएगा। प्रीडेटर ड्रोन काफी ऊंचाई पर उड़ते हैं। इनमें हेलफायर मिसाइलें लगी होती हैं। जरूरत पड़ने पर ये ड्रोन बेहद सटीकता से अचूक निशाना लगाते हैं। अफगानिस्तान एवं पाकिस्तान के कबायली इलाकों में सीआईए एवं अमेरिकी सेना इनका सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया है। मानवरहित प्रीडेटर ड्रोन के आने से भारतीय सेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी।
