Hajj Yatra 2024: भीषण गर्मी और चिलमिलाती धूप के बीच हज यात्रियों की मौतों की संख्या बढ़ती जा रही है। लू के कारण अब तक 645 हज यात्रियों की मौत हो गई है। इसमें से 60 से अधिक भारतीय भी शामिल है। हालांकि, सऊदी अरब ने तीर्थयात्रा के दौरान हुई भीषण गर्मी के कारण मरने वालों की संख्या पर कोई टिप्पणी नहीं की है। वहीं, मक्का के अल-मुआइसम पड़ोस में आपातकालीन परिसर में सैकड़ों लोग अपने लापता परिवार के सदस्यों की जानकारी प्राप्त करने की कोशिश में कतार में खड़े हुए है। सऊदी अरब में एक राजनयिक ने बताया कि हमने करीब 68 लोगों की मौत की पुष्टि की है... कुछ की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है। कुछ की मौत मौसम की वजह से हुई है, ऐसा हमारा अनुमान है।
मक्का गए 60 से अधिक भारतीयों की मौत
अभी तक 645 लोगों की गई जान
पांच दिवसीय हज के दौरान कम से कम 645 लोगों की जान गई है। पहले से ही, कई देशों ने कहा है कि उनके कुछ तीर्थयात्रियों की मौत मक्का के पवित्र स्थलों पर पड़ने वाली गर्मी के कारण हुई, जिसमें जॉर्डन और ट्यूनीशिया भी शामिल हैं। सऊदी नेशनल सेंटर फॉर मेटेरोलॉजी के अनुसार, मंगलवार को मक्का और शहर के आसपास के पवित्र स्थलों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस (117 डिग्री फारेनहाइट) तक पहुंच गया। शैतान को प्रतीकात्मक रूप से पत्थर मारने की कोशिश करते समय कुछ लोग बेहोश भी हुए। बता दें, पिछले साल हज के दौरान 200 से ज्यादा मौतें दर्ज की गई थी। मरने वाले हज यात्रियों में सबसे ज्यादा मिस्र के नागरिक हैं।
जानकारी के अनुसार, हज के दौरान मारे गए 600 से ज्यादा हज यात्रियों में सर्वाधिक 323 मिस्र, ट्यूनीशियाई से 35, इंडोनेशिया से 44, जॉर्डन से 41, भारत से 68 और ईरान से 11 नागरिक शामिल है। मारे गए हज यात्रियों के शव वापस देश नहीं भेजे जाएंगा, उनका अंतिम संस्कार सऊदी अरब में ही किया जाएगा।
