US Golden Fleet: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना पेश की है। उनका दावा है कि अमेरिका एक ऐसा विशाल युद्धपोत बनाएगा, जो आकार, रफ्तार और ताकत-तीनों मामलों में अब तक बने किसी भी युद्धपोत से कहीं आगे होगा। इस प्रस्तावित युद्धपोत का नाम ‘यूएसएस डिफिएंट’ (USS Defiant) रखा गया है और इसे ट्रंप अपनी ‘गोल्डन फ्लीट’ का केंद्रबिंदु बता रहे हैं।
अमेरिका बना रहा है दुनिया का सबसे शक्तिशाली युद्धपोत (फोटो- AP)
आयोवा-क्लास से भी बड़ा होगा USS Defiant
ट्रंप के अनुसार यह जहाज द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इस्तेमाल किए गए प्रसिद्ध आयोवा-क्लास जहाजों से भी बड़ा होगा और इसमें भविष्य की उच्च तकनीक से लैस हथियार लगाए जाएंगे-जैसे हाइपरसोनिक मिसाइलें, न्यूक्लियर क्रूज मिसाइल सिस्टम, रेलगन और हाई-पावर लेजर हथियार। हालांकि इनमें से कई तकनीकें अभी विकास के अलग-अलग चरणों में ही हैं और पूरी तरह परिचालन योग्य नहीं हैं।
तकनीकी चुनौतियां और हकीकत
अमेरिकी नौसेना पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े प्रोजेक्ट्स को समय पर और बजट के भीतर पूरा करने में असफल रही है। नए एयरक्राफ्ट कैरियर से लेकर अत्याधुनिक पनडुब्बियों तक-कई प्रोजेक्ट देरी और लागत बढ़ने की समस्या से जूझते दिखे हैं। रेलगन तकनीक पर वर्षों और अरबों डॉलर खर्च करने के बाद अंततः 2021 में इसे छोड़ दिया गया। लेजर-आधारित हथियार सीमित रूप में जहाजों पर लगाए तो गए हैं, लेकिन वे अभी पूर्ण युद्धक क्षमता तक नहीं पहुंचे हैं। इसी तरह, जहाजों पर न्यूक्लियर क्रूज मिसाइल लगाने का विचार अंतरराष्ट्रीय संधियों के तहत विवाद खड़ा कर सकता है। इसके बावजूद, अमेरिकी रक्षा तंत्र ने इस नए युद्धपोत के डिजाइन पर शुरुआती काम शुरू कर दिया है और अनुमान है कि 2030 के दशक की शुरुआत में इसका निर्माण शुरू हो सकता है।
क्या यह आधुनिक युग का ‘बैटलशिप’ होगा?
ट्रंप और नौसेना नेतृत्व इस जहाज को 20वीं सदी के बैटलशिप्स का ‘उत्तराधिकारी’ बता रहे हैं। लेकिन आधुनिक युद्धनीति में बैटलशिप्स की भूमिका बहुत पहले कम हो चुकी है और उनकी जगह एयरक्राफ्ट कैरियर और लंबी दूरी की मिसाइलों ने ले ली है। दिलचस्प बात यह है कि नया ‘गोल्डन फ्लीट’ जहाज आकार में तो आयोवा-क्लास जैसा होगा, लेकिन वजन काफी कम बताया जा रहा है और इसकी प्रमुख ताकत तोप नहीं, बल्कि मिसाइल होंगी।
ट्रंप की व्यक्तिगत दिलचस्पी
ट्रंप नौसेना जहाजों के डिजाइन और तकनीक में व्यक्तिगत रुचि रखते हैं। वे पहले भी आधुनिक सिस्टम की बजाय पुरानी तकनीकों को वापस लाने की वकालत कर चुके हैं। उन्होंने कई बार नौसेना जहाजों पर जंग लगने और डिजाइन को लेकर भी नाराजगी जताई है। ट्रंप का दावा है कि इस नए युद्धपोत के डिजाइन में उनकी सीधी भागीदारी होगी, क्योंकि उनके अनुसार जहाज केवल शक्तिशाली ही नहीं, बल्कि “सुंदर” भी होना चाहिए।
