West Asia Conflict: पश्चिम एशिया में एक बार फिर से तनाव गहराता नजर आ रहा है। इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता विफल होने से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भड़के हुए हैं और उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर सख्त टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका होर्मुज पर ईरान को टोल देने वाले जहाजों को रोकेगा और वहां नाकाबंदी करेगा। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र अमीरात ने बताया कि 28 फरवरी से पश्चिम एशिया में शुरू हुए युद्ध के बाद कम से कम 22 जहाजों पर हमला हुआ है।
होर्मुज पर गहराया संकट (फोटो साभार: AI)
UAE ने ईरान पर साधा निशाना
अबू धाबी की सरकारी तेल कंपनी के प्रमुख सुल्तान अल जाबेर ने रविवार को कहा कि ईरान के पास होर्मुज को बंद करने या उस पर नियंत्रण स्थापित करने का अधिकार नहीं है। ऐसा कोई भी प्रयास महज क्षेत्रीय मुद्दा नहीं रह जाता, बल्कि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था की एक अहम जीवनरेखा को बाधित करने जैसा होगा और दुनिया के हर देश की ऊर्जा, खाद्य और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बनेगा।
होर्मुज में फंसे हैं 800 जहाज
सुल्तान अल जाबेर ने बताया कि 28 फरवरी से पश्चिम एशिया में शुरू हुए संघर्ष की वजह से अबू धाबी के कम से कम 22 जहाजों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में 10 क्रू सदस्यों की मौत हो गई, जबकि लगभग 20,000 नाविक युद्ध से प्रभावित हैं और वह सुरक्षित ढंग से यात्रा नहीं कर पा रहे हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि होर्मुज में लगभग 800 कमर्शियल जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें लगभग 400 टैंकर शामिल हैं।
अबू धाबी की सरकारी तेल कंपनी (ADNOC) उन तेल निर्यातकों में शामिल है, जिन्हें पश्चिम एशियाई संघर्ष की वजह से बड़ा नुकसान हुआ है। कंपनी ने मार्च में खरीदारों को बताया था कि वह अपने अनुबंधों को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं। सनद रहे कि यूएई की अर्थव्यवस्था में तेल और गैस का योगदान लगभग 15 फीसदी है।
