G-20 Summit : भारत में अगले महीने वाली G-20 समिट से पहले अमेरिका की ओर से बड़ा बयान दिया गया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इस बैठक में यूक्रेन युद्ध बातचीत के शीर्ष एजेंडे में शामिल रहेगा और राष्ट्रपति जो बाइडेन राष्ट्राध्यक्षों के साथ होने वाली अपनी बातचीत में इस मुद्दे को उठाएंगे। जी-20 की बैठक में यूक्रेन संकट पर भारत सदस्य देशों से एक संतुलित साझा बयान जारी कराना चाहता है लेकिन इस मुद्दे पर देशों के अलग-अलग रुख के चलते इसमें कठिनाई आ सकती है।
सितंबर में नई दिल्ली में होगी जी-20 की बैठक।
अमेरिका अपने सहयोगी देशों के साथ करता है चर्चा
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर से यह पूछे जाने पर कि जी-20 की बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध पर क्या कुछ निकलकर सामने वाला है। इस पर प्रवक्ता ने मीडिया से कहा, 'मैं यही कहना चाहूंगा कि दुनिया भर में जितने भी हमारे साथी एवं सहयोगी हैं उनसे यूक्रेन युद्ध पर चर्चा जारी है।' उन्होंने कहा कि सहयोगी देशों के साथ होने वाली हमारी बातचीत में यूक्रेन युद्ध का मसला शामिल रहता है।
करीब डेढ़ साल से जारी है युद्ध
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू हुए करीब डेढ़ साल का वक्त बीत गया है लेकिन युद्ध की आग अभी थमी नहीं है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं। नाटो में शामिल होने की यूक्रेन की कोशिश पर रूस भड़क गया और उसने 24 फरवरी 2022 को यूक्रेन पर हमला बोल दिया। इस लड़ाई में अमेरिका सहित पश्चिम देश यूक्रेन को सैन्य एवं आर्थिक रूप से मदद कर रहे हैं। रूस का आरोप है कि यूक्रेन ने उसके ऊपर ड्रोन से हमले कराए हैं। दोनों देशों के बीच युद्ध भड़कने के बाद विश्व में खाद्य संकट गहराया है एवं आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है।
रूस पर मिसाइल से हमला करने का आरोप
इस बीच, पूर्वी यूक्रेन के एक शहर पर रूसी मिसाइलों के हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है और 81 अन्य घायल हुए हैं। यूक्रेन के अधिकारियों ने क्रेमलिन के सैन्यबलों पर बचावकर्मियों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार शाम को दोनेत्स्क क्षेत्र के पूर्वी भाग में पोकरोव्स्क शहर पर दो रूसी मिसाइल दागी गयीं जिसकी चपेट में कई अपार्टमेंट एवं अन्य इमारतें आयीं।
