'आप किसी सहयोगी की जासूसी नहीं कर सकते', डेनमार्क ने अमेरिका को जमकर सुनाया, जानिए पूरा मामला

फ्रेडरिक्सन ने शुक्रवार को कहा कि यह रिपोर्ट एक अंतरराष्ट्रीय अखबार में छपी अफवाह है। उन्होंने साथ ही कहा कि आप किसी सहयोगी के खिलाफ जासूसी नहीं कर सकते हैं।

Denmark Vs USA: अमेरिका द्वारा ग्रीनलैंड से जुड़ी खुफिया जानकारी एकत्र करने संबंधी खबरों के बीच डेनमार्क ने अमेरिका को जमकर सुनाया है। डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने कहा कि आप किसी सहयोगी के खिलाफ जासूसी नहीं कर सकते हैं। ग्रीनलैंड, डेनमार्क का एक अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र है जिस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नजर है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड के नेतृत्व में कई उच्च पदस्थ अधिकारियों ने खुफिया एजेंसी प्रमुखों को ग्रीनलैंड के स्वतंत्रता आंदोलन और वहां अमेरिकी संसाधनों के दोहन को लेकर लोगों की भावनाओं के बारे में अधिक जानकारी जुटाने का निर्देश दिया था।

Denmark PM

डेनमार्क का अमेरिका पर गंभीर आरोप

डेनमार्क ने अमेरिकी राजनयिक को किया तलब

डेनमार्क ने अपने देश में शीर्ष अमेरिकी राजनयिक को गुरुवार को तलब कर उनसे इस रिपोर्ट पर स्पष्टीकरण मांगा है। डेनमार्क के विदेश मंत्रालय ने एक ईमेल के जरिए बताया कि राजधानी कोपेनहेगन में अमेरिकी दूतावास की कार्यवाहक प्रमुख जेनिफर हॉल गॉडफ्रे ने डेनमार्क के उच्च पदस्थ राजनयिक जेप्पे ट्रानहोम-मिकेलसेन से मुलाकात की। मंत्रालय ने कोई और विवरण नहीं दिया। इस मामले में टिप्पणी करने से दूतावास ने इनकार कर दिया।

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