China Making Huge Dam: चीन के राष्ट्रपकि शी जिनपिंग भारत के साथ अब नया मोर्चा खोलने की तैयारी में हैं। ड्रैगन अपनी नई चाल में भारत को जल युद्ध में फंसाना चाहता है। इसके तहत चीन की कोशिश भारत के पानी को कब्जा करने की है। ओपेन सोर्स इंटेलिजेंस @detresfa द्वारा जारी की गई तस्वीरों के अनुसार चीन नेपाल के कालापानी क्षेत्र के पास बांध बना रहा है। चीन माबजा जांगबो नदी पर नया बांध बना रहा है। और यह बांध जिस जगह बन रहा है, उससे कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर भारत-नेपाल-चीन की सीमाएं मिलती हैं।दावा है कि चीन इस बांध के जरिए इस पूरे इलाके के पानी पर नियंत्रण करना चाहता है। अगर ऐसा करने में वह सफल होता है तो इसकी सीधा असर भारत पर पड़ेगा। और चीन-तिब्बत की ओर से आ रही नदियों को नियंत्रित कर भारत में सूखे और बाढ़ की स्थिति पैदा कर सकता है।
ड्रैगन का भारत के खिलाफ नया पैंतरा
भारत में बाढ़ और सूखे का कारण बन सकता है चीन
भारत में बहकर आने वाली नदियों के पानी को कंट्रोल करने के बाद चीन भारत में बाढ़ और सूखे का भी कारण बन सकता है। इसके पहले साल 2008 में भारत और चीन के बीच एक समझौता हुआ था, जिसके तहत ब्रह्मपुत्र और सतलुज नदी का डाटा दोनों देशों ने एक दूसरे के साथ शेयर किया जाएगा, ताकि बेहतर तरीके से पानी का मैनेजमेंट हो सके। इसके पहले साल 2017 में डोकलाम झड़प के दौरान भी ऐसी रिपोर्ट आईं थी कि चीन ने भारत के साथ ब्रह्मपुत्र और सतलुज नदियों के पानी का डाटा शेयर नहीं किया था, जिसके चलते उस साल असम और उत्तर प्रदेश में बाढ़ आई थी।
Since early 2021, China has been constructing a dam on the Mabja Zangbo river just a few kilometers north of the tr… t.co/xfJ4AI6Q1R
— ANI (@ANI) Jan 19, 2023
बांध के करीब एयरपोर्ट भी बना रहा है
न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार चीन बांध बनाने के अलावा उसके करीब एयरपोर्ट भी बना रहा है। ऐसे में किसी आपात स्थिति में चीन एयरफोर्स का इस्तेमाल भारत के खिलाफ कर सकता है। इसके अलावा चीन अरूणाचल सीमा के करीब ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी यारलुंग सांगपो नदी पर भी बांध का निर्माण कर रहा है। इस समय तिब्बत चीन के नियंत्रण में हैं। और तिब्बत के पठार से ही सिंधु, ब्रह्मपुत्र, इरावेड्डी, सलवीन, मेकॉन्ग जैसी बड़ी नदियां निकलती हैं। ये नदियां भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, म्यांमार, लाओस और वियतनाम में बहती हैं और इन देशों में सिंचाई और पीने के पानी का बड़ा स्त्रोत हैं।
पिछले कुछ समय में चीन ने यारलुंग सांगपो नदी नदी पर कई छोटे बांध बनाए हैं जिसके कारण ब्रह्मपुत्र को लेकर चिंता पैदा हो गई है। इसके पहले नवंबर 2020 चीनी सरकारी मीडिया कह चुका था कि यारलुंग सांगपो नदीपर एक सुपर बांध बनाया जाएगा।
