COVID-19 : दुनिया पर कोविड-19 संक्रमण का खतरा टले ही चार साल बीत गए हों लेकिन इस पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर अभी थमा नहीं है। इसकी उत्पत्ति को लेकर अमेरिका और चीन के बीच अभी भी जुबानी जंग देखने को मिल रही है। चीन ने बुधवार को कोविड-19 का फैलाव अमेरिका से होने का आरोप लगाया। उसने कहा कि कि 'अमेरिका अपनी गलती को दूसरे के सिर मढ़ने की कोशिश कर रहा है।' न्यूयॉर्ट टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दोहराया है कि वुहान की एक प्रयोगशाला से कोरोना वायरस लीक हुआ।
साल 2020-2021 में दुनिया पर रहा कोविड-19 का संकट।
चीन का दावा-लोगों का ध्यान भटकाना चाहता है अमेरिका
चीन की सरकार ने कहा है कि इस बात के महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं जो इशारा करते हैं कि कोविड का फैलाव चीन से नहीं बल्कि अमेरिका से हुआ होगा। चीन की सरकार ने कहा कि 'लैब से वायरस का फैलाव होने की थ्योरी में कोई दम नहीं है।' चीन के अधिकारियों ने कहा कि 'कोविड-19 से निपटने में अपनी नाकामी से घिरी अमेरिकी सरकार अब इसका दोष दूसरों के सिर पर डालना चाहती है। वह कोविड-19 की उत्पत्ति को राजनीतिक रंग देते हुए और लोगों का ध्यान भटकाना चाहती है।' चीन का कहना है कि कोविड-19 की आधिकारिक रूप से पुष्टि होने से पहले ही यह वायरस अमेरिका में फैल चुका था।
वायरस प्रयोगशाला से निकला था-सीआईए
दरअसल, अप्रैल महीने में व्हाइट हाउस ने कोविड-19 के फैलाव पर अपना नया बयान जारी किया। इस बयान में कहा गया है कि वुहान स्थित विरोलोजी संस्थान के एक लैब से यह वायरस लीक हुआ। इसके पहले जनवरी में सीआईए ने कहा कि इस बात की आशंका ज्यादा है कि कोविड-19 का वायरस प्राकृतिक रूप से नहीं बल्कि एक प्रयोगशाला से निकला। विश्व स्वास्थ्य संगठन और वर्ल्ड मीटर की रिपोर्ट के मुताबिक 2020 और 2021 में 70 लाख से अधिक लोगों की मौत कोविड-19 से हुई है। हालांकि, वैश्विक रिपोर्टों में मौतों के अलग-अलग आंकड़े दिए गए।
