Charles Sobhraj : जेल से बाहर आएगा 'बिकनी किलर' चार्ल्स शोभराज, नेपाल की SC ने दिए रिहाई के आदेश

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Dec 22, 2022, 07:30 AM IST

Charles Sobhraj News : कई भाषाएं बोलने में माहिर शोभराज के बारे में माना जाता है कि उसने 1970 के दशक में 15 से 20 लोगों की हत्याएं कीं। एक फ्रांसीसी पर्यटक को जहर देने और एक इजरायली नागरिक की हत्या के लिए वह भारतीय जेल में 21 साल की जेल की सजा काट चुका है।

KEY HIGHLIGHTS
  • कई भाषाएं बोलने में माहिर शोभराज के बारे में माना जाता है कि उसने 20 लोगों की हत्या की
  • शोभराज का जन्म फ्रांस के साइगॉन में एक भारतीय पिता और वियतनामी मां के घर हुआ था
  • वह भारतीय जेल में 21 साल की जेल की सजा काट चुका है, तिहाड़ जेल से फरार भी हुआ

Charles Sobhraj : कुख्यात सीरियल किलर चार्ल्स शोभराज जेल से रिहा होगा। नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने उसकी रिहाई का आदेश दिया है। नेपाल के कानून में ऐसी व्यवस्था है कि अगर कोई अपराधी अपनी सजा का 75 प्रतिशत समय जेल में गुजार चुका है और उसका आचरण अच्छा रहा है, तो इस आधार पर समय से पहले उसकी रिहाई हो सकती है। कोर्ट ने इसी कानूनी आधार पर उसकी रिहाई का फैसला दिया है। अपनी अर्जी में शोभराज ने दावा किया था कि कि नेपाल में वरिष्ठ नागरिकों को जो 'वरीयता' मिली हुई है, उसका वह हकदार है और उसने सजा की अवधि पूरी कर ली है। शोभराज ने कहा है कि अपनी 20 साल की सजा में से उसने 17 साल जेल में पूरे कर लिए हैं।

charles shobhraj

नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने दिए हैं रिहाई के आदेश।

2003 में काठमांडू में गिरफ्तार हुआ

टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक शोभराज के वकील राम बंधु शर्मा ने कहा कि उनके मुवक्किल ने पहले ही 95 प्रतिशत सजा भुगत ली है। उम्र को देखते हुए उसे पहले ही रिहा कर देना चाहिए था। शोभराज गुरुवार को जेल से रिहा हो सकता है। बता दें कि अगस्त 2003 में शोभराज को काठमांडू के एक कैसिनो में देखे जाने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। कोर्ट में सुनवाई के बाद उसे आजीवन कारावास की सजा हुई। शोभराज ने कई पर्यटकों की हत्याएं की हैं। उसने 21 साल भारतीय जेल में भी गुजारे। 1986 में वह अति सुरक्षित तिहाड़ जेल में सुरक्षा गार्डों को ड्रग देकर फरार भी हुआ। हालांकि, 22 दिनों के बाद वह फिर पकड़ा गया। शोभराज ने अपने जन्मदिन के मौके पर सुरक्षा गार्डों के बीच ड्रग्स युक्त मिठाइयां बांटी थीं।

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