BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में चल रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बीच चीन को लेकर बड़ा ऐलान हुआ है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा है कि अगले साल BRICS की अध्यक्षता चीन करेगा। इसका मतलब है कि 2027 में ब्रिक्स की बैठकों और संगठन के एजेंडे को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी चीन के पास होगी। नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन में शी जिनपिंग ने सदस्य देशों के बीच सहयोग और समन्वय को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। चीन के अगले साल अध्यक्ष बनने से BRICS के भविष्य के एजेंडे में बीजिंग की प्राथमिकताओं की भूमिका अहम हो सकती है।
BRICS में अब चीन की बारी! 2027 में अध्यक्षता संभालेंगे शी जिनपिंग। ANI
भारत की मौजूदा अध्यक्षता में ब्रिक्स के विस्तार, आर्थिक सहयोग, वैश्विक शासन में सुधार और विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे हैं। ऐसे में अगले साल चीन की अध्यक्षता के दौरान इन पहलों को किस दिशा में आगे बढ़ाया जाता है, इस पर दुनिया की नजर रहेगी। ब्रिक्स में भारत, चीन, रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका समेत कई देश शामिल हैं। संगठन के विस्तार के बाद इसका वैश्विक आर्थिक और कूटनीतिक प्रभाव भी बढ़ा है। अब 2027 में चीन की अध्यक्षता BRICS के एजेंडे और प्राथमिकताओं को नया आकार दे सकती है।
संयुक्त घोषणापत्र पर बनी सहमति
बता दें कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बीच भारत को बड़ी कूटनीतिक कामयाबी मिली है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सदस्य देशों के बीच गहन बातचीत के बाद संयुक्त घोषणापत्र (Joint Statement) जारी करने पर सहमति बन गई है। यह बातचीत सुबह करीब 4 बजे तक चली, जिसके बाद सभी पक्षों के बीच सहमति कायम हो सकी।
दरअसल, संयुक्त बयान को लेकर ब्रिक्स देशों के बीच कई संवेदनशील और विवादित मुद्दों पर मतभेद थे। अलग-अलग देशों के अपने रणनीतिक और भू-राजनीतिक हित होने के कारण बातचीत लंबी खिंची। ऐसे में भारत ने लगातार सभी पक्षों के साथ बातचीत कर उनके बीच सहमति बनाने की कोशिश की।
ब्रिक्स समिट से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन दुनिया की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों का एक अंतरराष्ट्रीय मंच है। BRICS नाम मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के नामों से बना है। समय के साथ इस समूह का विस्तार हुआ और इसमें कई नए देश शामिल हुए हैं। इस सम्मेलन में सदस्य देशों के नेता आर्थिक सहयोग, व्यापार, निवेश, विकास, वैश्विक शासन और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करते हैं।
BRICS Summit का मकसद सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने और वैश्विक मंच पर विकासशील व उभरती अर्थव्यवस्थाओं की आवाज को मजबूत करना है। हर साल किसी एक सदस्य देश को इसकी अध्यक्षता मिलती है और उसी देश में शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाता है। सम्मेलन में लिए गए फैसलों और पहलों को आगे बढ़ाने के लिए सदस्य देश मिलकर काम करते हैं।
