ब्रिक्स देशों ने व्यापार प्रतिबंधात्मक उपायों पर जताई चिंता, की पहलगाम हमले की निंदा

ब्रिक्स देशों ने शुल्क में “अंधाधुंध वृद्धि” के रूप में व्यापार-प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों के प्रसार पर चिंता व्यक्त की है, विशेष रूप से “नियंत्रणकारी” साधन के रूप में उपयोग किए जाने वाले उपायों पर, और चेतावनी दी है कि इस तरह की प्रथाओं से ‘ग्लोबल साउथ’ देशों के हाशिए पर चले जाने का जोखिम है।

ब्रिक्स देशों ने वैश्विक व्यापार में बढ़ती अस्थिरता और व्यापार-प्रतिबंधात्मक कदमों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र से इतर शुक्रवार को आयोजित वार्षिक बैठक में विदेश मंत्रियों ने चेतावनी दी कि शुल्क और गैर-शुल्क उपायों में अंधाधुंध वृद्धि तथा संरक्षणवाद का बढ़ता चलन वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित कर सकता है और विशेष रूप से ‘ग्लोबल साउथ’ देशों को हाशिए पर धकेलने का खतरा है। संयुक्त वक्तव्य में मंत्रियों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले की भी कड़े शब्दों में निंदा की, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी।

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ब्रिक्स के विदेश/अंतरराष्ट्रीय संबंध मंत्रियों की मीटिंग (फोटो- @DrSJaishankar)

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