Gayeshwar Roy : बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना बीते पांच अगस्त से भारत में हैं। समझा जाता है कि वह अगले कुछ समय तक यहीं रह सकती हैं। एक तरह से उन्होंने भारत में अस्थायी रूप से राजनीतिक शरण ले रखी है लेकिन यह बात वहां की मुख्य विपक्षी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को अच्छी नहीं लग रही है। बीएनपी के एक बड़े नेता ने कहा है कि 'आप यदि हमारे दुश्मन की मदद करेंगे तो भारत और बांग्लादेश के बीच जो आपसी सहयोग है, उसका सम्मान करना मुश्किल हो जाएगा।'
मोहम्मद यूनुस बने हैं अंतरिम सरकार के सलाहकार।
भारत वैसा ही व्यवहार करे-बीएनपी नेता
दिल्ली को यह सीधा संदेश बीएनपी के वरिष्ठ नेत गायेश्वर रॉय ने दिया है। रॉय बीएनपी की स्थायी समिति के सदस्य हैं। यह समिति पार्टी से जुड़े सभी बड़े निर्णय करती है। रॉय ने नसीहत देते हुए कहा कि 'दो देशों के बीच सहयोग की जो आपसी भावना होती है, भारत को उसी के अनुरूप व्यवहार करना चाहिए।' टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक 1991 में बीएनपी की नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री रह चुके रॉय ने कहा, 'हसीना सरकार में जो हमारे विदेश मंत्री थे, उन्होंने पिछले चुनाव से पहले कहा था कि सरकार में वापसी के लिए भारत हसीना की मदद करेगा। अब भारत हसीना की मदद कर रहा है। भारत और बांग्लादेश के लोगों के बीच कोई विवाद नहीं है लेकिन क्या भारत को क्या एक ही पार्टी को आगे बढ़ाना चाहिए, पूरे देश को नहीं?'
यह भी पढ़ें- Harish Salve : दिग्गज वकील हैं हरीश साल्वे, कुलभूषण जाधव सहित जीत चुके हैं ये हाई प्रोफाइल केस
हमने दुर्गा पूजा के लिए अनुदान शुरू किया-रॉय
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले और उनकी संपत्तियों को निशाना बनाए जाने की रिपोर्टों पर रॉय ने कहा कि बीएनपी में देश के अलग-अलग समुदाय के लोग हैं। यह सभी धर्मों के लोगों की पार्टी है। बीएनपी एक राष्ट्रवादी पार्टी है लेकिन हम सभी समुदायों के लोगं के अधिकारों में विश्वास करते हैं। अल्पसंख्यकों के लिए अपनी पार्टी द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में बताते हुए बीएनपी नेता ने कहा कि 1991 में जब वह मंत्री थे तो दुर्गा पूजा के लिए उन्होंने अनुदान देने की पहल की। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था आज भी चल रही है, किसी भी सरकार ने इस योजना पर रोक नहीं लगाई। रॉय ने कहा कि बीएनपी के बारे में इस तरह की धारणा बनाई गई है कि वह भारत विरोधी पार्टी है लेकिन ऐसा नहीं है। बांग्लादेश को आजादी दिलाने में भारत ने मदद की है, ऐसे में हम भारत के खिलाफ नहीं हो सकते।
बांग्लादेश में नई अंतरिम सरकार का गठन
नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख के तौर पर बृहस्पतिवार को शपथ ली। देश में सरकारी नौकरियों में आरक्षण प्रणाली के खिलाफ और फिर सरकार विरोधी व्यापक प्रदर्शनों के बीच शेख हसीना ने सोमवार को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और देश छोड़कर चली गई थीं। बांग्लादेश में अफरा-तफरी के माहौल के बीच यूनुस ने देश की बागडोर संभाली है और उनके सामने फिलहाल देश में शांति बहाल करने और चुनाव कराने का जिम्मा है।
पीएम मोदी ने यूनुस को दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूनुस को शुभकामनाएं दीं और देश में जल्द ही स्थिति सामान्य होने तथा हिंदुओं व अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित होने की उम्मीद जताई। मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस को नई जिम्मेदारी संभालने के लिए मेरी ओर से शुभकामनाएं। हम उम्मीद करते हैं कि जल्द ही सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी और हिंदुओं व अन्य सभी अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।’उन्होंने कहा, ‘भारत शांति, सुरक्षा व विकास के लिए दोनों देशों के लोगों की साझा आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बांग्लादेश के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।’
