Vietnam Boat Accident: वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास भारतीय पर्यटकों को ले जा रही नाव दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में बच निकले एक यात्री ने उस भयावह मंजर को याद करते हुए बताया कि पूरी घटना महज तीन मिनट के भीतर घटी। एक बड़ी लहर के टकराते ही नाव पलट गई और कई यात्री बंद केबिन के अंदर फंस गए, जिससे उन्हें बाहर निकालने का मौका ही नहीं मिला।
वियतनाम नौका हादसे में 15 भारतीयों की मौत
15 लोगों ने गंवाई अपनी जान
होन मे रुट नगोई द्वीप के पास शनिवार को यह हादसा उस समय हुआ, जब भारतीय पर्यटकों को लेकर नाव एन थोई की ओर लौट रही थी। वियतनामी अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में 15 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई, जिनमें दो महिलाएं शामिल हैं, जबकि कई अन्य लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। शुरुआती जांच में खराब मौसम और ऊंची लहरों को हादसे की वजह माना जा रहा है। हालांकि, मामले की आधिकारिक जांच अभी जारी है।
प्रत्यक्षदर्शी ने सुनाई आपबीती
हादसे में जीवित बचे निर्मल कुमार ने बताया कि नाव विभिन्न द्वीपों के बीच यात्रा कर रही थी। अचानक एक ऊंची लहर आई और देखते ही देखते नाव पलट गई। उन्होंने कहा, ''नाव तीन मिनट के अंदर ही उलट गई। उस समय करीब 37 लोग सवार थे, जिनमें से लगभग 20 लोग किसी तरह नाव के कूदकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहे, लेकिन 15 लोग नाव के अंदर ही फंस गए। मेरा दोस्त मुरुगा प्रभु भी नाव के अंदर फंस गया और उसकी मौत हो गई।
निर्मल कुमार ने बताया कि वह लाइफ जैकेट की मदद से पानी में कूदने में सफल रहे, जिसके बाद बचाव दल ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। उन्होंने कहा कि हादसे के समय आसपास कई अन्य नावें भी मौजूद थीं, लेकिन उनकी नाव दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
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हादसे की वजह पूछे जाने पर उन्होंने बताया, ''एक बहुत ऊंची लहर हमारी नाव से टकराई और कुछ ही सेकंड में नाव पलट गई। यह पूरी तरह बंद नाव थी। अगर नाव खुली होती तो सभी यात्री आसानी से पानी में कूद सकते थे, लेकिन बंद केबिन होने की वजह से कई लोग अंदर ही फंस गए।''
निर्मल कुमार के मुताबिक, नाव में सवार यात्रियों में करीब 24 लोग तमिलनाडु से थे। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान कर ली गई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जिनमें तमिलनाडु के 10, आंध्र प्रदेश के तीन और केरल के दो लोग शामिल हैं।
हरसंभव मदद कर रहे अधिकारी
उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय दूतावास के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद कर रहे हैं। निर्मल कुमार ने बताया कि कंपनी ने अपने टारगेट अचीव करने वाले डिस्ट्रीब्यूटर्स को वियतनाम घूमने का अवसर दिया था, लेकिन यह यात्रा एक दर्दनाक हादसे में तब्दील हो गई।
