वो 4 कारण, जो ईरान को दे रहे आत्मविश्वास...अमेरिका के साथ पाकिस्तान भी डाल रहा जोर, लेकिन तेहरान अडिग

Islamabad Talks: तेहरान इस बात पर दांव लगा रहा है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति के साथ बातचीत के लिए मजबूर करने की उसकी क्षमता इस बात का सबूत है कि ट्रंप की बयानबाजी के विपरीत, अभी भी जीत उसी के हाथ में है।

US-Iran War Peace Talks: भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बात पर जोर देते हैं कि तेहरान के पास 'कोई कार्ड नहीं है', लेकिन इस्लामाबाद सेरेना होटल के ईरानी विंग का माहौल कुछ और ही कहानी कहता है। ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में शांति वार्ता खत्म हो गई, जिसमें कोई नतीजा नहीं निकला। उस दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल किसी हारी हुई शक्ति की तरह नहीं, बल्कि एक ऐसे मजबूत राष्ट्र की तरह काम करता दिख रहा है, जिसने आधुनिक इतिहास के सबसे भीषण सैन्य दबाव का सफलतापूर्वक सामना किया है। ईरान ने इसलिए बातचीत में कोई डील डन नहीं कि क्योंकि उसका आरोप था कि अमेरिका हर वो अपनी मांग पूरी करवाना चाहता है, जो उसे जंग में भी नहीं मिल सकी।

वो 4 कारण, जो ईरान को दे रहे आत्मविश्वास...अमेरिका के साथ पाकिस्तान भी डाल रहा जोर, लेकिन तेहरान अडिग

वो 4 कारण, जो ईरान को दे रहे आत्मविश्वास...अमेरिका के साथ पाकिस्तान भी डाल रहा जोर, लेकिन तेहरान अडिग

बैठक में अपने पारंपरिक बुनियादी ढांचे में भारी गिरावट के बावजूद, तेहरान का नेतृत्व रणनीतिक श्रेष्ठता का भाव प्रदर्शित करता दिखा। ऐसे में यहां चार मुख्य कारण बताए गए हैं, जिनके आधार पर ईरान का मानना है कि अमेरिका के साथ चल रही मौजूदा बातचीत में उसका पलड़ा भारी है।

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