Karachi Fire Tragedy: पाकिस्तान के कराची स्थित गुल प्लाजा शॉपिंग सेंटर में लगी भीषण आग के मामले में 11 वर्षीय एक बच्चे के खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा। इस हादसे में 72 लोगों की मौत हो गई थी और आठ लोग जख्मी हुए थे। इसके अलावा, 1,153 दुकानें जलकर खाक हो गईं। यह हादसा इसी साल 17 जनवरी को हुआ था।
कराची मॉल अग्निकांड (फोटो साभार: AI)
पाकिस्तानी वेबसाइट डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच अधिकारी ने शनिवार को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। इससे एक दिन पहले अभियोजन पक्ष ने चार्जशीट को कुछ खामियों के चलते वापस कर दिया था और न्यायिक आयोग की रिपोर्ट भी शामिल करने को कहा था। हालांकि, बाद में जिला अभियोजक ने चार्जशीट दाखिल करने की अनुमति दे दी और कहा कि आयोग की रिपोर्ट बाद में रिकॉर्ड पर पेश की जा सकती है।
छह लोगों को बनाया गया आरोपी
चार्जशीट में कुछल छह लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें 11 वर्षीय हुजैफा, उसके पिता नईमतुल्लाह और गुल प्लाजा मैनेजमेंट कमेटी के चार सदस्या शामिल हैं। हुजैफा के पिता नईमतुल्लाह कृत्रिम फूलों की दुकान चलाते हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, सभी आरोपी फिलहाल फरार बताए गए हैं। मामले में अभियोजन पक्ष ने 42 गवाहों को सूचीबद्ध किया है।
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माचिस से खेलते समय लगी आग
चार्जशीट के मुताबिक, 13 वर्षीय प्रत्यक्षदर्शी आर्यन ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयान में बताया कि घटना के समय वह अपने दोस्त हुजैफा की दुकान पर मौजूद था। आर्यन के मुताबिक, हुजैफा माचिस की तीलियों से खेल रहा था, तभी अचानक दुकान में आग लग गई। दो अन्य प्रत्यक्षदर्शियों ने भी इसकी पुष्टि की। बकौल रिपोर्ट, जांच में यह भी सामने आया कि घटना के समय हुजैफा के पिता दुकान पर नहीं थे और वह अक्सर दुकान की जिम्मेदारी अपने नाबालिग बेटे को सौंप देता था।
जुवेनाइल कोर्ट में चलेगा मुकदमा
मुख्य आरोपी हुजैफा नाबालिग है, इसलिए उसके खिलाफ मामला जुवेनाइल कोर्ट में चलाया जाएगा। वहीं, अन्य आरोपियों पर पाकिस्तान दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत लापरवाही, गैर-इरादतन हत्या, आग से नुकसान पहुंचाने और अन्य संबंधित अपराधों के आरोप लगाए गए हैं।
