ट्रेन में सफर करते समय Alarm Chain यानी इमरजेंसी चेन का इस्तेमाल बेहद गंभीर स्थिति में ही किया जाना चाहिए लेकिन अगर बिना जरूरत कोई यात्री चेन खींच देता है, तो इसका असर सिर्फ ट्रेन के रुकने तक सीमित नहीं रहता। कई बार रेलवे कर्मचारियों को मौके तक पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ती है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो इसी समस्या की ओर ध्यान खींच रहा है। इस वीडियो को सोशल साइट एक्स पर @JharkhandRail नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है।
रेलवे ब्रिज पर नहीं था सुरक्षित रास्ता इसलिए रेलवे कर्मचारी को ट्रेन के नीचे से होकर गुजरना पड़ा। (X/@JharkhandRail)
ट्रेन रोकने के लिए खींची चेन
वीडियो (Video) के साथ शेयर की गई जानकारी के मुताबिक, ट्रेन में ACP यानी अलार्म चेन पुलिंग (Alarm Chain Pulling) होने के बाद ट्रेन मैनेजर (Train Manager) को प्रभावित कोच तक पहुंचना पड़ा। बताया गया है कि संबंधित सेक्शन DEE–PTNR था और ट्रेन नंबर 54411 है। ट्रेन मैनेजर (Train Manager) के तौर पर शिवजी राय का नाम दिया गया है, जबकि उनका हेडक्वार्टर दिल्ली सराय बताया गया है।
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ट्रेन के नीचे से गुजरने को मजबूर हुआ कर्मचारी
मामला उस समय ज्यादा गंभीर हो जाता है, जब रेलवे ब्रिज पर ट्रेन के किनारे चलने के लिए सुरक्षित पैदल रास्ता मौजूद न हो। ऐसी स्थिति में कर्मचारी को प्रभावित कोच तक पहुंचने में काफी मुश्किल हो सकती है। वायरल वीडियो (Viral Video) में इसी सुरक्षा चिंता को सामने रखने की कोशिश की गई है। वीडियो के साथ किए गए दावे के मुताबिक, सुरक्षित पैदल रास्ता नहीं होने पर ट्रेन मैनेजर (Train Manager) को ट्रेन के नीचे से गुजरने जैसी जोखिम भरी स्थिति का सामना करना पड़ा।
एक छोटी सी चेन पुलिंग, कर्मचारी के लिए हो सकता है बड़ा खतरा
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यात्रियों से जुड़ी है। अलार्म चेन (Alarm Chain) का इस्तेमाल सिर्फ वास्तविक आपात स्थिति में किया जाना चाहिए। बिना वजह या मजाक में चेन खींचने से ट्रेन की यात्रा प्रभावित होती है और रेलवे कर्मचारियों को भी तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ती है। किसी यात्री के लिए कुछ सेकंड में चेन खींचना आसान लग सकता है, लेकिन उसके बाद मौके पर पहुंचने वाले कर्मचारी को अपनी ड्यूटी निभाने के लिए अलग-अलग तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
