आज के समय में जहां लोगों को बस पैसा कमाने का मौका चाहिए होता है वैसे में एक TT ने अपनी दरियादिली से पूरे सोशल मीडिया का दिल जीत लिया। TT की इस दरियादिली को देख लोग भावुक हो गए और उन्हें अपनी तरफ से दुआएं देने लगें। कई लोगों ने तो TT के इस नेकदिली को सलाम किया और कहा कि आजकल इंसानियत जल्दी कहीं देखने को नहीं मिलती। आपकी इंसानियत हमेशा ऐसे ही बुलंद रहे और आप ऐसे ही नेक कार्य करते रहें। आपको कभी भी अपने इस व्यवहार पर अफसोस ना करना पड़े।
दादी का टिकट चेक करते टीटी साहब (X/@manisha31843)
दादी अम्मा के आधार कार्ड को ही TT ने मान लिया टिकट
दरअसल, ट्रेन में टिकट चेक करने आए टीटी ने एक बुजुर्ग महिला यात्री से चेक करने के लिए उसका टिकट मांगा। लेकिन बुजुर्ग महिला के पास टिकट नहीं था। रेलवे के नियमों से बेखबर बूढ़ी अम्मा ने अपने झोले से अपना आधार कार्ड निकाला और रख दिया TT साहब के हाथों में। TT ने अम्मा का आधार कार्ड देखा और एक बार उनका चेहरा देखा। पता नहीं क्यों साहब का दिल अपने आप ही पिघल गया। वे अपने होंठों पर हल्की सी मुस्कान लिए अम्मा से बोले कि अम्मा आपके पास यहीं टिकट है। अम्मा ने हां में सिर हिलाया और बेचारे सीधे-साधे TT साहब अम्मा के आधार कार्ड को ही टिकट मान लिए और उन्हें आराम से बैठकर यात्रा करने को कहा।
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लोगों ने TT के लिए बांधे तारीफों के पुल
दिल को छू लेने वाले इस वीडियो को सोशल साइट एक्स पर @manisha31843 नाम की यूजर ने शेयर किया है। जिसे खबर लिखे जाने तक लाखों लोगों ने देखा और हजारों लोगों ने लाइक किया है। वीडियो में TT साहब की नेकदिली को देख लोग उनकी तारीफ करते थक नहीं रहे। एक यूजर ने वीडियो पर कमेंट करते हुए लिखा, "हमारा देश ऐसे ही लोगों की वजह से महान है, किसी भी कार्य या कर्तव्य के साथ साथ इंसानियत का होना बहुत ही जरूरी है क्योंकि हर स्थिति में कानून और नियम काम नहीं आते हैं। एक जिंदा इंसान में अगर इंसानियत ही ना हो तो वह खाक इंसान है। अपने कर्तव्य के साथ-साथ इंसानियत और सूझबूझ ही हमारी संस्कृति और पहचान है।"
सिस्टम इंसानियत से बड़ा नहीं हो सकता
दूसरे ने लिखा, "जहां सिस्टम इंसानियत से बड़ा हो जाता है, वहां समाज मरने लगता है। टीटी का मुस्कुराना सिर्फ दया नहीं था, वो एक याद दिलाना था, कभी-कभी नियमों से पहले दिल की इंसानियत लागू कर देना चाहिए।" तीसरे ने लिखा, "टीटी ने वाकई इंसानियत की मिसाल पेश की। नियमों का पालन जरूरी है, लेकिन दया और सम्मान हमेशा पहले आते हैं। उस बुजुर्ग महिला की मासूमियत को समझकर मुस्कुराना और माफ करना ही असली मानवता है। सच में, ऐसे लोग समाज को बेहतर बनाते हैं।"
