नोएडा की एक महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने हाईराइज सोसाइटियों में रहने वाले लोगों की जिंदगी के एक ऐसे पहलू पर बात की है, जिसके बारे में अक्सर कम चर्चा होती है। महिला का कहना है कि ऊंची-ऊंची इमारतों में हजारों लोग रहते हैं, लेकिन इसके बावजूद कई लोग अंदर से अकेलापन महसूस करते हैं। इंस्टाग्राम पर सुनीता बादल नाम की महिला ने अपने अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया है। वीडियो में वह अपनी बालकनी से आसपास बनी कई बड़ी-बड़ी रिहायशी इमारतों का नजारा दिखाती नजर आ रही हैं।
हाईराइज सोसाइटी में अकेलेपन को लेकर महिला ने जो कहा वह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। (Instagram/@sunitabadal77)
'कोई किसी पर ध्यान नहीं देता'
वीडियो (Video) में सुनीता हाईराइज बिल्डिंग्स की तरफ इशारा करते हुए कहती हैं कि इन इमारतों में बहुत अकेलापन और खालीपन है। उनका कहना है कि सोसाइटियां और पूरे समुदाय का निर्माण इस उद्देश्य से किया गया था कि लोग अकेला महसूस न करें, लेकिन वास्तविकता कई बार इससे बिल्कुल अलग होती है। वह कहती हैं, "कोई किसी पर ध्यान नहीं देता।" उनकी यह बात सोशल मीडिया पर लोगों को काफी भावुक कर रही है। दरअसल, आधुनिक शहरों में रहने वाले कई लोग इस अनुभव से खुद को जोड़कर देख पा रहे हैं।
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हजारों पड़ोसी, फिर भी अनजान
आज के समय में बड़े शहरों में हाईराइज सोसाइटियां आम हो गई हैं। एक ही परिसर में सैकड़ों या हजारों परिवार रहते हैं। यहां स्विमिंग पूल, जिम, पार्क, क्लब हाउस और कई दूसरी सुविधाएं भी होती हैं लेकिन इन सुविधाओं के बावजूद लोगों के बीच व्यक्तिगत जुड़ाव कई बार बहुत कम होता है। लोग रोजाना लिफ्ट में एक-दूसरे से मिलते हैं, कॉरिडोर्स से गुजरते हैं और पार्किंग में आमना-सामना भी होता है, लेकिन एक-दूसरे का नाम तक नहीं जानते। सुनीता की बात इसी की ओर इशारा करती है। एक तरफ लोग भीड़ से घिरे हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ इमोशनली खुद को अकेला महसूस कर करते हैं।
लोगों को पुराने मोहल्लों की याद आई
वीडियो वायरल (Video Viral) होने के बाद कई यूजर्स ने अपने अनुभव साझा किए। कुछ लोगों ने कहा कि आधुनिक सोसाइटियों में सुविधाएं तो बहुत हैं, लेकिन पुराने मोहल्लों जैसा अपनापन कम देखने को मिलता है। पहले पड़ोसी एक-दूसरे के घर आते-जाते थे। किसी के घर खुशी होती तो पूरा मोहल्ला शामिल होता था और किसी परेशानी में लोग मदद के लिए आगे आ जाते थे। आज व्यस्त जिंदगी, प्राइवेसी और बदलती जीवनशैली के कारण लोगों के बीच दूरी बढ़ती जा रही है।
लोगों ने कहा- बात बिल्कुल सही है
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने सुनीता की बात से सहमति जताई। एक व्यक्ति ने लिखा कि आधुनिक शहरी जीवन की यह सच्चाई है कि लोगों से घिरे होने के बावजूद अकेलापन महसूस होता है। एक अन्य यूजर ने कहा कि हाईराइज में रहने वाले लोग अक्सर अपने पड़ोसियों से सिर्फ लिफ्ट या पार्किंग तक सीमित बातचीत करते हैं। हालांकि, कुछ लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि इस दूरी को कम करने की शुरुआत छोटी-छोटी बातचीत से की जा सकती है। पड़ोसियों से परिचय करना, साथ बैठना और जरूरत के समय मदद करना समुदाय को मजबूत बना सकता है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
