Indian Railways Facts: भारत में रेलवे स्टेशनों की अपनी-अपनी खासियत होती है। कुछ स्टेशन अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर हैं, तो कुछ अपने अनोखे इतिहास के लिए जाने जाते हैं। ऐसा ही एक दिलचस्प रेलवे स्टेशन है नवापुर रेलवे स्टेशन (Navapur Railway Station), जो अपनी खास व्यवस्था की वजह से लोगों का ध्यान खींचता है। इस स्टेशन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां ट्रेनों की घोषणा एक या दो नहीं, बल्कि चार अलग-अलग भाषाओं में की जाती है। नवापुर रेलवे स्टेशन (Interesting Railway Stations) का कोड NWU है। यह स्टेशन महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में स्थित है, लेकिन इसकी एक खास बात यह है कि इसका कुछ हिस्सा गुजरात राज्य की सीमा में भी आता है।
Indian Railways Facts: महाराष्ट्र–गुजरात बॉर्डर पर बना खास स्टेशन (Photo: iStock)
प्लेटफॉर्म पर खींची गई एक सफेद लाइन
यानी यह स्टेशन दो राज्यों के बीच बसा हुआ है। इसी वजह से यहां आने-जाने वाले यात्रियों की भाषा अलग-अलग होती है। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यहां ट्रेनों की अनाउंसमेंट चार भाषाओं में की जाती है। ये चार भाषाएं हैं हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती और मराठी। इससे महाराष्ट्र और गुजरात दोनों राज्यों से आने वाले यात्रियों को ट्रेन से जुड़ी जानकारी आसानी से समझ में आ जाती है। स्टेशन पर लगे बोर्ड और सूचना पट भी इन चारों भाषाओं में लिखे होते हैं। इस स्टेशन की एक और रोचक बात यह है कि यहां प्लेटफॉर्म पर एक सफेद लाइन खींची गई है, जो दोनों राज्यों की सीमा को दिखाती है। यानी अगर कोई व्यक्ति उस लाइन के एक तरफ खड़ा है, तो वह महाराष्ट्र में है और दूसरी तरफ खड़ा होने पर गुजरात में पहुंच जाता है।
स्टेशन मास्टर का दफ्तर गुजरात की तरफ
यही वजह है कि यह स्टेशन लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र भी बना रहता है। स्टेशन से जुड़ी कुछ और दिलचस्प बातें भी हैं। यहां टिकट काउंटर और रेलवे पुलिस स्टेशन महाराष्ट्र की तरफ स्थित हैं, जबकि स्टेशन मास्टर का दफ्तर गुजरात की तरफ पड़ता है। इसके अलावा गुजरात एक ड्राई स्टेट माना जाता है, जहां शराब पर प्रतिबंध है, जबकि महाराष्ट्र में ऐसा नियम नहीं है। इसलिए स्टेशन के दोनों हिस्सों में नियमों में भी थोड़ा फर्क देखने को मिलता है। नवापुर रेलवे स्टेशन का निर्माण उस समय हुआ था जब राज्यों की सीमाएं अलग तरह से तय थीं। बाद में जब महाराष्ट्र और गुजरात अलग-अलग राज्य बने, तो यह स्टेशन दोनों के बीच बंट गया। इसी कारण यह स्टेशन आज भी अपने अनोखे स्थान और चार भाषाओं में होने वाली घोषणाओं के लिए पूरे देश में जाना जाता है।
