भारत ही नहीं पाकिस्तान में भी है लाल किला, बनाने में लग गए थे इतने साल

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  • Updated Aug 18, 2022, 06:48 PM IST

हम सब भारत के लाल किले के बारे में तो जानते ही हैं। लेकिन, पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद में भी एक लाल किला है, जिसका निर्माण मुजफ्फराबाद शहर के जनक सुल्तान मुजफ्फर खान ने करवाया था।

KEY HIGHLIGHTS
  • पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद में भी लाल किला
  • इस लाल किले को बनाने में 87 साल लगे थे
  • साल 1926 तक इस किले का इस्तेमाल किया गया

Pakistan Red Fort: इस दुनिया में ऐतिहासिक धरोहर की कमी नहीं है। इसी में एक नाम है देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्थित लाल किले का। हर साल 15 अगस्त को प्रधानमंत्री यहीं पर झंडा फहराते हैं और देश को संबोधित करते हैं। लेकिन, क्या आपको मालूम है लाल किला केवल भारत में ही नहीं है बल्कि हमारे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में भी है। हो सकता है कुछ लोगों को इसके बारे में जानकारी हो, जबकि कुछ लोग अब तक इस सच्चाई से अनजान हों। तो आइए, आज हम आपको पाकिस्तान के लाल किले से आपको रू-ब-रू कराने जा रहे हैं, जिसे बनाने में 10, 20 , 30 या 50 साल नहीं बल्कि 87 साल लगे थे।

Pakistan Red Fort

मुजफ्फराबाद का लाल किला

पाकिस्तान का लाल किला मुजफ्फराबाद में मौजूद है। लिहाजा, इस लाल किले को मुजफ्फराबाद फोर्ट या मुजफ्फराबाद का किला के नाम से भी जाना जाता है। वहीं, स्थानीय लोग इसे किला या फिर रुट्टा किला भी कहते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस किले का निर्माण मुजफ्फराबाद शहर के जनक सुल्तान मुजफ्फर खान ने करवाया था। लाल किले का निर्माण सन 1559 में शुरु हुआ था। लेकिन, कुछ समय बाद इस किले पर मुगलों ने आक्रमण कर कब्जा कर लिया था। हालांकि, धीरे-धीरे इसका निर्माण कार्य चलता रहा। सन 1646 में यह किला पूरी तरह बनकर तैयार हो गया। इतना ही नहीं जब डोगरा शासकों ने इस किले में कई बदलाव करवाए।

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