Interesting Facts: ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड के नौ बड़े शहरों को आपस में जोड़ने के लिए एक नई हाई-स्पीड रेल परियोजना का प्रस्ताव सामने आया है। यह योजना RIBA (रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ ब्रिटिश आर्किटेक्ट्स) के अध्यक्ष क्रिस विलियमसन ने पेश की है। इस परियोजना को “नॉर्दर्न लूप” नाम दिया गया है। इसका मकसद अलग-अलग शहरों को तेज रफ्तार रेल के जरिए जोड़कर एक ऐसा बड़ा और जुड़ा हुआ शहरी नेटवर्क बनाना है, जहां लगभग एक करोड़ लोग आसानी से आपस में जुड़े रह सकें। प्रस्ताव के अनुसार, ग्लासगो, एडिनबर्ग, न्यूकैसल, लीड्स, मैनचेस्टर, लिवरपूल, बैंगोर, डबलिन और बेलफास्ट जैसे शहर इस हाई-स्पीड रेल लाइन से जुड़े होंगे। योजना में कहा गया है कि ट्रेनें करीब 300 मील प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं और हर पांच मिनट में उपलब्ध होंगी। इससे शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
480 की स्पीड से दौड़ेगी सुपरफास्ट ट्रेन (फोटो: X/@TheB1M)
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सऊदी अरब की “द लाइन” जैसी बड़ी परियोजनाओं से प्रेरित
दावा किया गया है कि एडिनबर्ग से मैनचेस्टर की यात्रा करना कुछ बड़े शहरों के अंदर सफर करने से भी तेज हो सकता है। क्रिस विलियमसन का कहना है कि वे सऊदी अरब की “द लाइन” जैसी बड़ी परियोजनाओं से प्रेरित हैं और उनका मानना है कि ब्रिटिश द्वीपों को भी भविष्य के लिए बड़े और साहसी फैसले लेने चाहिए। उनके अनुसार, अभी शहरों को निवेश के लिए एक-दूसरे से मुकाबला करना पड़ता है, लेकिन बेहतर कनेक्टिविटी से सहयोग और विकास को बढ़ावा मिल सकता है। इस रेल लाइन को बनाने के लिए स्थानीय पत्थरों से बने मेहराबों का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया गया है, ताकि पटरियां जमीन से ऊपर रहें और आसपास के इलाके पर कम असर पड़े।
योजना में यह भी बताया गया है कि यह सिस्टम सिर्फ लोगों के सफर के लिए ही नहीं, बल्कि ऊर्जा वितरण के लिए भी काम कर सकता है। इसके जरिए पवन ऊर्जा और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों से बनी बिजली को भी अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाने की बात कही गई है। अनुमान के मुताबिक इस पूरी परियोजना पर लगभग 130 बिलियन पाउंड खर्च हो सकता है, लेकिन इससे हर साल करीब 12 बिलियन पाउंड का आर्थिक फायदा मिलने की उम्मीद है। विलियमसन का कहना है कि ऐसी बड़ी योजनाएं देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकती हैं और लोगों में भविष्य को लेकर भरोसा बढ़ा सकती हैं।
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