India Highest Airport: भारत का सबसे ऊंचा वाणिज्यिक हवाई अड्डा कुशोक बकुला रिम्पोछे एयरपोर्ट (Kushok Bakula Rimpochee Airport) है, जो लेह (लद्दाख) में स्थित है। यह एयरपोर्ट समुद्र तल से लगभग 3,256 मीटर (करीब 10,682 फीट) की ऊंचाई पर बना हुआ है। इतनी अधिक ऊंचाई पर स्थित होने के कारण यह न केवल भारत का, बल्कि दुनिया के सबसे ऊंचे कमर्शियल एयरपोर्ट्स में भी गिना जाता है। इस एयरपोर्ट की सबसे खास बात इसकी लोकेशन है। यह चारों तरफ से ऊंचे-ऊंचे हिमालयी पहाड़ों से घिरा हुआ है। यहां का मौसम भी काफी ठंडा और बदलता रहने वाला होता है।
पहाड़ों के बीच बना ये एयरपोर्ट (Photo: iStock)
लेह एयरपोर्ट पर लैंडिंग करना पायलट्स के लिए आसान नहीं
ऊंचाई ज्यादा (bharat ka sabse ooncha airport) होने की वजह से यहां हवा पतली होती है, जिससे विमान को उड़ान भरने और लैंडिंग करने में सामान्य जगहों की तुलना में ज्यादा सावधानी बरतनी पड़ती है। लेह एयरपोर्ट पर लैंडिंग करना पायलट्स के लिए आसान काम नहीं होता। यहां रनवे छोटा है और आसपास ऊंचे पहाड़ हैं, इसलिए विमान को बहुत सटीक तरीके से उतारना पड़ता है। खराब मौसम, तेज हवाएं और कम दृश्यता भी कई बार चुनौती बढ़ा देते हैं। इसी वजह से यहां सिर्फ अनुभवी पायलट्स को ही उड़ान भरने की अनुमति दी जाती है।
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यह एयरपोर्ट लद्दाख (indias highest airport in leh) आने वाले पर्यटकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सड़क मार्ग से लेह पहुंचना लंबा और कठिन हो सकता है, जबकि हवाई यात्रा से लोग कुछ ही घंटों में यहां पहुंच जाते हैं। हर साल हजारों पर्यटक इस एयरपोर्ट के जरिए लद्दाख की खूबसूरती देखने आते हैं। हालांकि, अगर हम केवल ऊंचाई की बात करें और सैन्य एयरबेस को भी शामिल करें, तो दौलत बेग ओल्डी एयरबेस इससे भी ज्यादा ऊंचाई (लगभग 4,938 मीटर) पर स्थित है। लेकिन यह आम नागरिकों के लिए नहीं है, इसलिए इसे कमर्शियल एयरपोर्ट की श्रेणी में नहीं रखा जाता। कुल मिलाकर अगर कहा जाए तो कुशोक बकुला रिम्पोछे एयरपोर्ट सिर्फ एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग और पायलटिंग का शानदार उदाहरण है।
