Interesting Facts: यहां कोई नहीं करता टोकाटाकी, देश में इस जगह विधवा महिलाएं भी खूब खेलती हैं होली

Widows Holi Vrindavan: वृंदावन में अब विधवा महिलाएं भी खुलकर होली मना रही हैं। पहले जहां उन्हें त्योहारों से दूर रखा जाता था, वहीं अब वे फूलों और गुलाल से रंगों का उत्सव मनाती हैं। सामाजिक संगठनों की पहल से शुरू हुई यह परंपरा आज महिला सम्मान और सामाजिक बदलाव की मिसाल बन चुकी है।

Vrindavan Holi celebration: इस साल 4 मार्च को देशभर में होली का त्योहार बड़े ही धूमधाम के साछ मनाया जाएगा, लेकिन क्या आपको पता है कि भारत में लंबे समय तक यह परंपरा रही कि विधवा महिलाएं रंगों और त्योहारों से दूर रहें। उनसे सफेद कपड़े पहनने, सादगी से रहने और होली जैसे उत्सवों में हिस्सा न लेने की उम्मीद की जाती थी। लेकिन अब समय बदल रहा है। उत्तर प्रदेश के वृंदावन में यह बदलाव साफ दिखाई देता है, जहां विधवा महिलाएं खुलकर होली खेल रही हैं।

Widows Holi Vrindavan

Vrindavan Holi celebration: वृंदावन की होली बनी महिला सशक्तिकरण की मिसाल (फोटो: iStock)

सुलभ इंटरनेशनल की पहल से 'विधवाओं की होली' की शुरुआत

वृंदावन भगवान कृष्ण की लीलाओं से जुड़ा पवित्र स्थान माना जाता है। यहां देश के अलग-अलग हिस्सों से आई हजारों विधवाएं आश्रमों में रहती हैं। पहले इन महिलाओं का जीवन काफी सीमित माना जाता था, लेकिन अब उनकी जिंदगी में रंग लौट रहे हैं। साल 2013 के आसपास सामाजिक संस्थाओं, खासकर सुलभ इंटरनेशनल की पहल से 'विधवाओं की होली' की शुरुआत हुई। इसका मकसद था कि उन्हें भी त्योहार मनाने का अधिकार और खुशी मिले।

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