Viral News: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक एक नया ब्यूटी ट्रेंड वायरल हो रहा है। इसमें Gen-Z और मिलेनियल्स अपने नाखूनों को हरे रंग में रंग रहे हैं। उनका मानना है कि इससे समृद्धि, शांति, स्वास्थ्य और सौभाग्य मिलता है। न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, "ग्रीन नेल थ्योरी" नाम का यह ब्यूटी ट्रेंड पिछले लाल और नीले रंग के नेल थ्योरी पर आधारित है। रेड नेल थ्योरी का अर्थ है कि गहरे रंग का नाखून संभावित प्रेमी को आकर्षित करने में मदद करता है। वहीं, ब्लू नेल थ्योरी का मानना है कि रिश्ते में रहने वाले लोग या तो अवचेतन रूप से या जानबूझकर इस रंग को चुनते हैं। मनोवैज्ञानिक रूप से भी हरे रंग को लंबे समय से उपचार, तनाव से राहत और शांति से जोड़ा जाता रहा है। शायद यही कारण है कि अस्पताल अक्सर इसे सजावट में इस्तेमाल करते हैं ताकि मरीजों को परेशान करने वाले माहौल में आराम मिल सके। हालांकि, टाइम्स नाउ नवभारत ऐसे किसी वायरल दावे या मान्यता की पुष्टि नहीं करता है।
गौरतलब है कि, गूगल की मार्च ब्यूटी रिपोर्ट के अनुसार बीते कुछ हफ्तों में "ग्रीन नेल थ्योरी" के बारे में जबरदस्त तरह से सर्चिंग की गई है। यूजर्स ने दावा किया है कि यह अभिव्यक्ति पर नए युग का एक नया मोड़ है। विशेषज्ञों ने हरे नाखूनों को विज़न बोर्ड कहा है जो सफलता और सकारात्मकता के बारे में विचारों की कल्पना करने में मदद करते हैं। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, ओरा मेर के संस्थापक और सीईओ राहेल ओनेफेटर ने कहा कि, 'आप जो कुछ भी करते हैं उसके पीछे एक उद्देश्य और ऊर्जा होती है, चाहे आपको इसका एहसास हो या न हो। यदि आप दूसरों के बजाय विशिष्ट रंगों या पैलेट का उपयोग कर रहे हैं, तो आप ऐसे विकल्प चुन रहे हैं जो आपके व्यक्तित्व को प्रतिबिंबित करते हैं।'
नेल थ्योरी को अंधविश्वास के रूप में खारिज कर सकते हैं, मगर कई लोग इस प्रवृत्ति के प्लेसीबो प्रभाव में मूल्य देखते हैं। पुरुष एक निश्चित नाखून रंग वाली महिलाओं की ओर आकर्षित होंगे, ये दुनिया के किसी विज्ञान में नहीं कहा गया है मगर इसका मतलब यह नहीं है कि जब से यह प्रवृत्ति जोर पकड़ने लगी है तब से लोगों ने इस विचार को नहीं अपनाया है। इसी प्रकार, ग्रीन नेल थ्योरी का उद्देश्य महिलाओं को ऐसे रास्ते तलाशने के लिए सशक्त बनाना है जो उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाएं तथा ऐसी जीवनशैली अपनाएं जो उन्हें आरामदायक महसूस कराए।
